राज्य ब्यूरो, कोलकाता। नेताजी रिसर्च ब्यूरो ने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को नेताजी पुरस्कार 2022 से रविवार को सम्मानित किया। कोलकाता में जापान के महावाणिज्य दूत नाकामुरा युताका ने आबे की तरफ से यह सम्मान प्राप्त किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उनके एल्गिन रोड स्थित आवास पर एक कार्यक्रम में यह सम्मान दिया गया। भारत में जापान के राजदूत सतोशी सुजुकी ने नई दिल्ली से आनलाइन माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। नेताजी रिसर्च ब्यूरो के निदेशक व प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी के पौत्र सुगतो बोस ने आबे को नेताजी का बड़ा प्रशंसक बताया।

नेताजी जयंती पर भाजपा और तृणमूल में आरोप-प्रत्यारोप

स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर भी बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के बीच तकरार जारी रहा। ममता ने केंद्र सरकार पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की झांकी शामिल नहीं करने का आरोप लगाया तथा जन्मदिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की तो दूसरी ओर, बंगाल भाजपा ने नेताजी की जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम का आयोजित की है। भाजपा की ओर से रविवार की सुबह प्रदेश कार्यालय में श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर बंगाल भाजपा के नेताओं ने आरोप लगाया कि नेताजी को लेकर किए गए वादे को ममता सरकार ने पूरा नहीं किया।

ममता द्वारा नेताजी की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किए जाने की मांग पर बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि सीएम ने आवेदन किया है। देश में जन्मदिन और मृत्यु वार्षिकी पर अवकाश की परंपरा है, लेकिन नेताजी जिस तरह से कर्मयोगी थे। उनकी जयंती पर छुट्टी नहीं ज्यादा काम करके सम्मान जनाना ज्यादा अच्छा होता। उन्होंने कहा कि यह सच है कि इतिहास में नेताजी को सही स्थान नहीं दिया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस उपयुक्त जगह नहीं मिला है, जबकि एक परिवार को बहुत स्थान दिया गया।

भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने कहा कि ममता ने आजाद हिंद फौज के नाम पर राजारहाट क्षेत्र में एक समाधि स्थल का निर्माण करने और नेताजी के नाम पर एक विश्वविद्यालय की स्थापना करने की बात कही थी, लेकिन एक साल पूरा होने के बावजूद अभी तक यह नहीं हुआ है। ममता ने कहा था कि एक साल पहले 100 करोड़ रुपए की लागत से नेताजी के नाम पर भवन बनाने की बात हुई थी, लेकिन अभी तक उसे पूरा नहीं किया गया. जो वादा किया था। उसे पूरा नहीं किया गया। सीएम झांकी को लेकर राजनीति कर रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार नेताजी की झांकी पहले ही शामिल कर रही है, लेकिन सीएम उसे लेकर राजनीति कर रही है। बंगाल सरकार ने एलान किया है कि नेताजी की 125 वीं जयंती देश नायक दिवस के रूप में मना रहा है। इसके साथ ही नेताजी के नाम पर एक जय हिंद विश्वविद्यालय की स्थापना भी की जा रही है, जिसका 100 प्रतिशत वित्तपोषण पूरी तरह से राज्य सरकार करेगी और इसका संबंध विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ होगा। साथ ही, राष्ट्रीय योजना आयोग पर नेताजी के विचारों से प्रेरणा लेकर एक बंगाल योजना आयोग का गठन किया जाएगा, जो राज्य की योजना संबंधी पहलों में मदद करेगा। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra