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NCPI के 20 सांसदों को फिर राहत की दरकार, स्पीकर ओम बिरला से मांगी मोहलत

Published: Thu, 22 Oct 2026 05:23 PM (IST)

तृणमूल कांग्रेस से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद एनसीपीआइ में शामिल हुए 20 सांसदों ने अपनी सदस्यता रद्द करने के ...और पढ़ें

20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से जवाब देने के लिए समय मांगा।

20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से जवाब देने के लिए समय मांगा।

HighLights

  1. 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से जवाब देने को समय मांगा।

  2. यह चौथी बार है जब सांसदों ने अतिरिक्त समय मांगा है।

  3. सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर की कार्रवाई पर नजर रखने को कहा।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतने के बाद एनसीपीआइ में शामिल हुए 20 सांसदों ने एक बार फिर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से जवाब देने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है।

सांसद काकली घोष दस्तीदार समेत सभी 20 सांसदों ने अब 3 नवंबर तक की मोहलत मांगी है। इससे पहले उन्हें 20 अक्टूबर तक जवाब देने का समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित समयसीमा में जवाब नहीं दिया गया।

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने इन 20 सांसदों की सदस्यता रद करने की मांग करते हुए लोकसभा अध्यक्ष को अलग-अलग 20 पत्र सौंपे थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। बता दें कि सांसदों की ओर से समय मांगने का यह चौथा मौका है। इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय ने 8 अक्टूबर तक जवाब देने की समयसीमा तय की थी।

22 सितंबर को इसकी सूचना दी गई थी लेकिन समयसीमा पूरी होने के बावजूद जवाब नहीं आया। इसके बाद सांसदों की ओर से 8 अक्टूबर को ई-मेल के जरिए अतिरिक्त समय मांगा गया। सुप्रीम कोर्ट ने भी संबंधित सांसदों को अपना पक्ष रखने के लिए एक महीने का समय दिया था, जिसकी अवधि 20 अक्टूबर को समाप्त हो गई।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा अध्यक्ष के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की है, लेकिन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में स्पीकर की कार्रवाई पर अदालत की नजर रहेगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि सांसदों के जवाब और बार-बार समय मांगने के मामले में लोकसभा अध्यक्ष क्या रुख अपनाते हैं।