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जेल में बंद नंदीग्राम के कांग्रेस प्रत्याशी ने जमानत के लिए फिर किया हाई कोर्ट का रुख

Published: Wed, 23 Sep 2026 06:25 PM (IST)

नंदीग्राम के कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने 2007 के एक पुराने मामले में गिरफ्तारी के बाद जमानत के लिए फिर कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है।

नंदीग्राम कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने जमानत के लिए हाई कोर्ट का रुख किया

नंदीग्राम कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने जमानत के लिए हाई कोर्ट का रुख किया

HighLights

  1. नंदीग्राम कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने जमानत के लिए हाई कोर्ट का रुख किया

  2. उन्हें 2007 के भूमि अधिग्रहण आंदोलन के पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था

  3. अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार की, सुनवाई जल्द होने की संभावना है

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। नंदीग्राम के कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने जमानत के लिए फिर कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है। बुधवार को उनके दो अधिवक्ताओं मिलन मुखोपाध्याय और अयन भट्टाचार्य ने न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अदालत में मामले का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि मिलन उपचुनाव के प्रत्याशी हैं और जमानत याचिका पर सुनवाई में समय लगेगा, इसलिए जल्द सुनवाई की जाए। अदालत ने जमानत याचिका दायर करने की अनुमति दे दी। इस सप्ताह मामले की सुनवाई होने की संभावना है।

19 साल पुराने मामले में गिरफ्तार

मिलन को पिछले शुक्रवार पूर्व मेदिनीपुर के चंडीपुर से 19 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, लोगों को जुटाने और लूटपाट समेत नंदीग्राम थाने में तीन और खेजुरी थाने में एक मामला दर्ज था।

इससे पहले मिलन ने पांच अन्य मामलों में गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग करते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था। मंगलवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ में सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता अयन भट्टाचार्य ने उपचुनाव से पहले गिरफ्तारी पर सवाल उठाया।

राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजुमदार ने कहा कि गिरफ्तारी वारंट 2007 से लंबित थे और आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद मिलन समेत अन्य लोगों के खिलाफ लंबित वारंट भी लागू किए गए हैं।

दो मामलों में हो चुकी है गिरफ्तारी

राज्य ने यह भी कहा कि बाकी पांच मामलों में मिलन मुख्य आरोपित नहीं हैं और उनके खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हाई कोर्ट ने इस पर तत्काल कोई निर्देश नहीं दिया। इधर, हल्दिया अनुमंडल अदालत ने मिलन को तीन अक्टूबर तक जेल हिरासत में भेजा था।

इसके बाद कांथी अदालत ने उन्हें पांच अक्टूबर तक जेल हिरासत में भेज दिया। बुधवार को खेजुरी थाने में दर्ज एक मामले में उन्हें फिर कांथी अदालत में पेश किया गया। अभी तक दो मामलों में उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है।