बंगाल: नंदीग्राम के कांग्रेस प्रत्याशी को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, नए मामले में जमानत लेने का निर्देश
कलकत्ता हाई कोर्ट ने नंदीग्राम के कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को नए मामले में राहत देने से इनकार कर दिया। ...और पढ़ें

नंदीग्राम के कांग्रेस उम्मीदवार को नए मामले में नहीं मिलेगी अंतरिम राहत
HighLights
कलकत्ता हाई कोर्ट ने मिलन प्रधान को राहत देने से इनकार किया।
एकल पीठ का गिरफ्तारी से संरक्षण का आदेश रद किया गया।
मिलन प्रधान को नए मामले में जमानत के लिए आवेदन का निर्देश।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। नंदीग्राम के कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को नए मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली।
मुख्य न्यायाधीश रविंद्र वी घुगे और न्यायमूर्ति ओम नारायण राय की खंडपीठ ने एकल पीठ के उस आदेश को रद कर दिया, जिसमें पुलिस को मिलन को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से रोका गया था।
खंडपीठ ने मिलन को जमानत के लिए आवेदन करने को कहा।
एकल पीठ ने नए मामले में मिलन को गिरफ्तारी से संरक्षण दिया था। राज्य ने इस आदेश को चुनौती दी थी। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने सवाल किया कि मिलन ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन क्यों नहीं किया या गिरफ्तारी के बाद जमानत क्यों नहीं मांगी।
उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के कारण किसी को कानून से अलग संरक्षण नहीं मिल सकता और सभी नागरिकों के लिए कानून समान है।
मिलन के वकील अयन भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव में प्रत्याशी बनने और ममता बनर्जी की पार्टी के समर्थन की घोषणा के बाद परिस्थितियां बदल गईं। उन्होंने कहा कि पुराने मामले में गिरफ्तारी और मतदान में कुछ ही दिन बचे होने के कारण जमानत लेने के लिए समय कम था।
इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जरूरत पड़ने पर छुट्टी के दिन भी अदालत बैठ सकती है और कानूनी प्रक्रिया चुनाव के कारण नहीं रुकती।
राज्य ने गिरफ्तारी वारंट का दिया हवाला
राज्य के अतिरिक्त एडवोकेट जनरल राजदीप मजुमदार ने बताया कि जिस मामले में मिलन को गिरफ्तार किया गया, उसमें गिरफ्तारी वारंट जारी था। संबंधित मामलों में 2021 से वारंट लंबित थे और चुनाव आयोग के निर्देश पर गिरफ्तारी की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस अतिरिक्त मामले को लेकर विवाद है, उसमें मिलन को 19 सितंबर को ही गिरफ्तार किया जा चुका था। 22 सितंबर के एकल पीठ के आदेश के बाद उनकी दोबारा गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
