नंदीग्राम उपचुनाव से पहले बड़ा खेला, ममता तृणमूल की प्रत्याशी ने छोड़ा मैदान
बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव से ममता बनर्जी की उम्मीदवार संचिता प्रधान ने नाम वापस ले लिया है। ...और पढ़ें

ममता बनर्जी की प्रत्याशी संचिता प्रधान ने नाम वापस लिया

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के बीच पार्टी पर अधिकार को लेकर जारी लड़ाई के बीच राज्य की हाईप्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले बड़ा खेला हुआ है।
चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज किए जाने के एक दिन बाद नाटकीय घटनाक्रम में नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता तृणमूल की प्रत्याशी संचिता प्रधान दे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज होने के बाद ममता गुट के लिए 24 घंटे के भीतर यह दूसरा बड़ा झटका है।
नाम वापसी से कुछ ही घंटे पहले संचिता प्रधान ने दोपहर में अपने पति के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से यहां मुलाकात की थी। इसके कुछ ही देर बाद उनके चुनाव मैदान से हटने की खबर सामने आई।
वहीं, संचिता प्रधान के उम्मीदवारी वापस लिए जाने के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की। ममता ने अपने कालीघाट आवास पर शाम में प्रेस कॉफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करेगा।
हालांकि ममता की इस घोषणा के एक घंटे के भीतर नंदीग्राम थाने की पुलिस ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को नंदीग्राम आंदोलन के दौरान हत्या के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। इन घटनाक्रमों के बाद नंदीग्राम उपचुनाव से पहले राज्य की राजनीति गरमा गई है।
2021 में नंदीग्राम में शुभेंदु से हारी थीं ममता
दरअसल, नंदीग्राम वही विधानसभा क्षेत्र है, जहां 2021 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके पूर्व सहयोगी और तब विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पराजित किया था। इसके बाद से नंदीग्राम दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
मालूम हो कि नंदीग्राम व रेजीनगर उपचुनाव के लिए शनिवार को नाम वापसी का अंतिम दिन है। उससे एक दिन पहले संचिता ने यह कदम उठाया है।
शिक्षक भर्ती मामले से जुड़ा रहा है संचिता का नाम
इससे पहले नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर लंबे समय से यह चर्चा थी कि क्या ममता बनर्जी खुद इस सीट से चुनाव लड़ेंगी और विधानसभा में वापसी करेंगी। इसी बीच उनके गुट ने बीते रविवार को ही संचिता प्रधान को प्रत्याशी घोषित किया था।
संचिता नंदीग्राम के बोयाल प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका थीं। शिक्षक भर्ती मामले में 26,000 शिक्षकों की नियुक्तियां रद किए जाने के बाद उनकी नौकरी भी चली गई थी।
फलता में भी प्रत्याशी ने छोड़ दिया था मैदान
बताते चलें कि इससे पहले कुछ माह पूर्व राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के बाद दक्षिण 24 परगना जिले की फलता सीट पर हुए पुनर्मतदान से ठीक एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान (पुष्पा) ने चुनावी मैदान से हटने की घोषणा कर सबको चौंका दिया था।
जिसके बाद इस सीट से भाजपा प्रत्याशी ने रिकार्ड मतों से जीत दर्ज की थी। पहले यह क्षेत्र तृणमूल का गढ़ था।
गठबंधन के प्रस्ताव को खारिज कर चुकी है कांग्रेस
बता दें कि नंदीग्राम व रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर इससे पहले ममता बनर्जी के गठबंधन के प्रस्ताव को कांग्रेस ने खारिज कर दिया था।
सूत्रों के अनुसार ममता ने बीते सोमवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को फोन कर भाजपा को रोकने के लिए दोनों दलों के साथ मिलकर उपचुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था।
उन्होंने नंदीग्राम सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने और वहां अपना उम्मीदवार हटाने की पेशकश की थी जबकि रेजीनगर में कांग्रेस से उनके उम्मीदवार के समर्थन का अनुरोध किया था।
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