बंगाल के मुर्शिदाबाद में दो लोगों की पीट-पीटकर हत्या, 29 साल बाद 16 लोगों को उम्रकैद
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में 1998 के दोहरे हत्याकांड में 29 साल बाद कांदी अनुमंडल अदालत ने 16 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

29 साल बाद 16 लोगों को उम्रकैद।
HighLights
मुर्शिदाबाद में 1998 के दोहरे हत्याकांड का फैसला आया।
कांदी अदालत ने 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
जुलूस के बाजे को लेकर हुए विवाद में हुई थी हत्या।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कांदी अनुमंडल अदालत ने मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर थाना क्षेत्र के मुंशीपुर गांव में 1998 में दो लोगों की पीट-पीटकर हत्या के मामले में 16 लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। वारदात के 29 साल बाद फैसला आया है। घटना 24 मई, 1998 की है।
मुंशीपुर गांव से एक जुलूस गुजर रहा था और उसमें तेज आवाज में बाजे बज रहे थे। उसी समय दो ग्रामीण भैंसगाड़ी लेकर विपरीत दिशा से वहां से गुजर रहे थे। उन्हें आशंका थी कि तेज आवाज से भैंसें बिदक सकती हैं। इसी वजह से उन्होंने जुलूस के आयोजकों और समर्थकों से बाजे की आवाज कम करने का अनुरोध किया।
इसे लेकर जुलूस में शामिल लोगों से उनकी कहासुनी शुरू हो गई। उसके बाद कुछ लोगों ने दोनों पर बांस और लाठियों से हमला कर दिया गया। दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में कुल 26 लोगों के खिलाफ कांदी अनुमंडल अदालत में मुकदमा दर्ज हुआ। लंबी सुनवाई के दौरान चार आरोपितों की मौत हो गई। इसके बाद 22 के खिलाफ मुकदमा चला। सोमवार को अदालत ने इनमें से छह को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया। वहीं, घटना में संलिप्तता के प्रमाण मिलने पर 16 को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
