कोलकाता, एजेंसी। उग्र छात्र आंदोलनों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय में गुरुवार को तब माहौल बिगड़ गया जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यक्रम में भाग लेने केंद्रीय पर्यावरण व वन राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो पहुंचे। उनके साथ बदसलूकी की गई। कपड़े फाड़ दिए गए। छात्रों के एक वर्ग द्वारा उन्हें करीब छह घंटे घेरे रखा गया। हालांकि, अब खबर मिली कि इतने बवाल के बाद भी बाबुल सुप्रियो FIR दर्ज नहीं करा रहे।

क्या है मामला?

शनिवार को भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो पर हमला करने वाले एक छात्र की मां द्वारा की गई भावनात्मक अपील वायरल हो गई है। मां द्वारा एक वीडियो के जरिए बेटे पर FIR दर्ज ना कराने को लेकर और माफ करने की अपील की गई। इसमें बताया गया कि वह एक कैंसर पेशेंट है। हालांकि, इसपर बाबुल सुप्रियो द्वारा जो जवाब दिया गया वो सोशल मीडिया को काफी आश्चर्यजनक लगा।

बाबुल सुप्रियो ने दिया आश्वासन

बाबुल सुप्रियो ने कैंसर की रोगी महिला को आश्वासन दिया है कि वह किसी भी तरह से छात्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। छात्र की मां को आश्वासन देते हुए, बाबुल सुप्रियो ने एक ट्वीट में कहा, 'मैं आपके बेटे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाऊंगा। मैं चाहता हूं कि वह अपनी गलती से सबक सीखें। मैंने न तो कोई एफआईआर दर्ज कराई है और न ही किसी को दर्ज कराने को कहा है। आपको इसे लेकर चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।' उन्होंने ट्वीट में औरत के जल्द ठीक होने की भी प्रार्थना की।

'कायर और गुंडे'

शुक्रवार को जादवपुर विश्वविद्यालय में हुई घटना के एक दिन बाद, बाबुल सुप्रियो ने अपने हमलावरों को 'कायर और गुंडे' के रूप में बयां किया।...और यह भी कहा था कि वे जल्द ही पकड़े जाएंगे। बता दें कि गुरुवार को बाबुल सुप्रियो के साथ धक्का-मुक्की की गई, नके कपड़े फाड़ दिए गए। वह गिर पड़े, लेकिन छात्रा द्वारा उन्हें घेरे रखा गया। उन्हें बालों और कॉलर से पकड़ कर खींचा गया। अंगरक्षकों ने विरोध किया तो वे उन पर भी टूट पड़े।

बताया गया है कि यह हरकत नक्सलपंथी छात्रों की है। इसमें वाममोर्चा समर्थित छात्र संगठन एसएफआइ (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) का भी हाथ बताया जा रहा है। दूसरी तरफ एसएफआइ ने इससे इन्कार किया है।

राज्यपाल ने किसी तरह मंत्री को बचाया

विश्वविद्यालय में केंद्रीय मंत्री पर हमले की खबर पर बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ उन्हें प्रदर्शनकारी छात्रों के चंगुल से छुड़ाने पहुंचे तो उन्हें भी छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा। राज्यपाल ने बाबुल को किसी तरह छात्रों के घेरे से निकालकर अपनी कार में बिठाया। इसके लिए उन्हें दो बार प्रयास करना पड़ा। जैसे ही दोनों कार में बैठे तो छात्रों ने उसे घेरकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। राज्यपाल शाम करीब 7 बजे मौके पर पहुंचे थे और रात करीब 8.15 बजे बाबुल को लेकर उनकी गाड़ी विश्वविद्यालय परिसर से निकल पाई। आरोप है कि इस पूरी घटना के दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही।

Posted By: Nitin Arora

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