बालुरघाट, जेएनएन। ससुरालवालों के अत्याचार से तंग आकर गृहवधू ने खुद जहर खा लिया और गोदी के एक साल के बेटे को भी जहर खिला दिया। इसके कारण एक साल के मासूम अभी महतो की मौत हो गयी। वहीं गृहवधू मामनी महतो को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना बालुरघाट के चिंगिसपुर पंचायत के किसमत रामकृष्णपुर इलाके की है।

उल्लेखनीय है कि बालुरघाट के अमृतखंड पंचायत के तुलसीपुर की रहने वाली मामनी महतो का वर्ष 2018 में रामकृष्णपुर के निवासी संजय महतो के साथ विवाह हुआ था। शादी के बाद मामनी ने एक पुत्र संतान को जन्म दिया। काम के सिलसिले में मामनी का पति संजय महतो बाहर रहता था। पति की अनुपस्थिति में ससुर बबलू महतो व सास मिनती महतो बहू मामनी को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।

संजय पारिवारिक कलह के कारण अपनी पत्‍‌नी को उसके मायके रखकर बाहर चला गया था। लक्खी पूजा तक मामनी अपने पिता के घर में थी। पति ने फिर उसे बुला लिया। बुधवार रात को मामनी अपने बेटे को सुलाने का प्रयास कर रही थी। इसे लेकर फिर सास व बहू में विवाद हो गया। संजय जब बाहर से आया तो देखा पत्‍‌नी और बेटा लेटे हुए है, दोनों के मुख से झाग निकल रहा है।

बीएसएफ जवान की सहायता से दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने शिशु के मौत की घोषणा कर दी। वहीं मामनी जिंदगी और मौत से जूझ रही है। मामनी की मां शिखा महतो ने बताया कि मामनी के ससुरालवाले उसे काफी प्रताड़ित करते थे। उसे डायन बताकर उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।

वहीं मामनी के पिता ने बताया कि हम चाहते है कि मेरी बेटी की दुर्दशा करने वाले ससुरालवालों को सजा दिया जाए। मामनी के पति संजय महतो ने बताया कि मैं काम के सिलसिले में बाहर रहता था। सास-बहू के झगड़े से तंग आकर मैंने अपनी पत्‍‌नी को मायके में रख आया था। लेकिन विवाद इतना बढ़ जाएगा कि मेरी पत्‍‌नी जहर खा लेगी और मेरे बेटे को भी खिला देगी, यह मैंने कभी नहीं सोचा था।

बालुरघाट थाना के आईसी जयंत दत्त ने बताया कि अस्वाभाविक शिशु की मौत को लेकर मामला दर्ज किया गया है। हम पूरे मामले की जांच कर रहें है। 

Posted By: Preeti jha

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