जागरण संवाददाता, कोलकाता : पौराणिक ग्रंथ 'महाभारत' की एक पंक्ति 'पूत कपूत सुना है पर माता न सुनी कुमाता' जन-जन के जेहन में बसी हुई है। पर उक्त पंक्ति को धता बताते हुए एक मां द्वारा जीविका चलाने के लिए अपनी की 20 दिनों की नवजात बच्ची को 15 हजार रुपये में बेच दिए जाने की घटना प्रकाश में आई है। घटना दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर इलाके में घटी। थाने में इसकी शिकायत के बाद जांच में उतरी बारुईपुर थाने की पुलिस ने चूनाखाली इलाके से बेची गई नवजात बच्ची को बरामद कर लिया। साथ ही कलयुगी मां पूजा सरदार को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद बेटी को बेचने में मदद करने वाले विश्वदेव सरदार और शर्मिष्ठा सरदार को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को गुरुवार को बारुईपुर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस तीनों से पूछताछ कर सच्चाई का पता लगाने में जुट गई है।

आठ माह पहले पति से अलग होने के बाद अकेली रह रही थी महिला

पड़ोसियों की मानें तो बारुईपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर पंचायत के पश्चिम माधवपुर की रहने वाली पूजा सरदार का मंदिरबाजार में विवाह हुआ था। पर पति से आठ माह पहले ही अलगाव हो गया। तब वह गर्भवती थी। 20 दिन पहले ही उसने एक कन्या संतान को जन्म दिया। पड़ोसियों ने बताया कि बेटी के जन्म होने के बावजूद घर के उसके रोने की आवाज नहीं आने पर उन्हें संदेह हुआ। बुधवार की दोपहर स्थानीय लोगों ने बारुईपुर थाने में घटना की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने पूजा को थाने बुला कर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने स्वीकार किया कि उसने अपनी बेटी को कल्याणपुर के निहाटा के रहने वाले वाली रिश्तेदार उज्वला बाला की मदद से 15 हजार रुपये में बेच दिया है। इसके बाद बारुईपुर के एसआइ गोपाल मंडल के नेतृत्व में बासंती के चूनाखाली रवाना हुई और बच्ची को बरामद कर लिया। साथ ही विश्वदेव और शर्मिष्ठा को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों पूजा की रिश्तेदार उज्वला का चचेरा भाई है।

Posted By: Jagran

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