कोलकाता, जागरण संवाददाता। इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सोसाइटी (आइसीजीएस) की महिला सुपरवाइजर पद के लिए रविवार को परीक्षा देने आई एक युवा परीक्षार्थी को अपने नवजात को दूध पिलाने के लिए केंद्र से बाहर जाना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार परीक्षा केंद्र में ऐसी परिस्थिति के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी।

घटना दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर इलाके में स्थित एक स्कूल की है। बातचीत में 21 वर्षीय उक्त परीक्षार्थी मां के पति ने बताया कि रविवार को परीक्षा शुरू होने के ठीक पहले उनका बच्चा रोने लगा। स्कूल के गार्ड ने उन्हें बताया कि छुट्टी होने की वजह से परीक्षा केंद्र के अन्य कमरे बंद है। बच्चे को दूध पिलाने के लिए किसी एकांत कक्ष की व्यवस्था वहां नहीं है। कोई चारा नहीं देखते हुए उन्हें पास की गली में सुनसान स्थान देखकर बच्चे को स्तनपान कराना पड़ा। इसके बाद वह मां वापस आई और उन्होंने अपनी परीक्षा पूरी की।

इधर परीक्षा केंद्र प्रबंधन का दावा है कि इस परिस्थिति में प्रबंधन की ओर से महिला की हर संभव मदद की गई। उन्हें स्तनपान के लिए परीक्षा केंद्र परिसर में ही एक निर्जन स्थान की ओर भेजा गया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी होने की बात स्वीकारी। हालांकि थाने की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस बाबत कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। 

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