कोलकाता, जागरण संवाददाता। टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी के खिलाफ अलीपुर कोर्ट से जारी आत्मसमर्पण आदेश पर उच्च अदालत ने रोक लगा दी है। आदेश के तहत शमी को दो सितंबर से 15 दिन के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। साथ ही स्पष्ट किया गया था कि ऐसा नहीं करने पर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
शमी के वकील सलीम रहमान ने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के तहत शमी या उनके प्रतिनिधि को पहले समन जारी करना चाहिए था। ऐसे में अदालत में यह मामला कहीं नहीं टिकता। कानून के अनुसार जिसे समन जारी किया जा सकता है, उसके खिलाफ आत्मसमर्पण का नोटिस जारी नहीं किया जा सकता। इसलिए हमें आदेश के खिलाफ स्टे मिल गया। वेस्टइंडीज दौरे के लिए शमी फिलहाल अमेरिका में हैं। लेकिन वह अपने वकील व क्रिकेट बोर्ड के लगातार संपर्क में थे। बोर्ड सूत्रों के अनुसार मोहम्मद शमी 12 सितंबर को भारत लौट रहे हैं। बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बिना चार्जशीट देखे व गेंदबाज के खिलाफ अब कोई कार्रवाई नहीं करेगी। पहले ऐसा लग रहा था कि शमी के खिलाफ एरेस्ट वारंट जारी हुआ है, लेकिन उनके वकील ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ आत्मसमर्पण नोटिस था।
 

Posted By: Preeti jha

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