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'दादा' का बड़ा धमाका: मिथुन चक्रवर्ती बोले- 'पार्टी कहेगी तो बंगाल का मुख्यमंत्री बनने को तैयार हूं'

Published: Sun, 05 Apr 2026 10:07 PM (IST)

भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने कहा है कि यदि पार्टी जिम्मेदारी देती है तो वह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बनने ...और पढ़ें

मिथुन चक्रवर्ती।

मिथुन चक्रवर्ती।

HighLights

  1. ममता सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया, घुसपैठ पर घेरा।

  2. खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, पूरे बंगाल में भाजपा के लिए प्रचार करेंगे।

जागरण संवाददाता, कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। भाजपा के दिग्गज नेता और 'महागुरु' के नाम से मशहूर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर अब तक का सबसे बड़ा बयान दिया है। Mithun Da
 
एक निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में मिथुन ने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी उन्हें जिम्मेदारी सौंपती है, तो वह बंगाल के मुख्यमंत्री का पद संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। साक्षात्कार के दौरान मिथुन चक्रवर्ती का तेवर बेहद आक्रामक नजर आया। 

'सुरक्षा के लिए खतरा है ममता सरकार' 

मिथुन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य की मौजूदा सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि बंगाल के मूल चरित्र को बदलने की कोशिश की जा रही है।
 
राज्य में प्रशासनिक निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो गई है। घुसपैठ और सीमा सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उन्होंने सरकार को जमकर घेरा। 
 

हिंदुओं की सुरक्षा और संसाधनों पर सवाल 

मिथुन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस बार भाजपा की हार होती है, तो राज्य में हिंदुओं को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, मुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा भारतीय मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। 
 
उन्होंने कहा कि हम केवल उन लोगों के विरोध में हैं जो देश की शांति भंग करना चाहते हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, जबकि कुछ खास क्षेत्रों में फंड की बंदरबांट हो रही है।
 

चुनाव क्यों नहीं लड़ रहे मिथुन?

मिथुन चक्रवर्ती ने अपनी चुनावी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि वह खुद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने तर्क दिया कि वह खुद को किसी एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहते। 

परिवर्तन की लहर 

उनका लक्ष्य पूरे बंगाल में घूम-घूमकर जनता से सीधा संपर्क साधना और भाजपा के पक्ष में माहौल बनाना है। राज्य की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए मिथुन ने कहा कि बंगाल को अब वास्तविक परिवर्तन की जरूरत है। 
 
उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार जनता अपने वोट की ताकत से टीएमसी को सत्ता से बेदखल कर देगी। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका अंतिम फैसला चुनाव के बाद पार्टी नेतृत्व ही करेगा।