जागरण संवाददाता, कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को अचानक नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी के घर पहुंच गई और उनकी मां से लेकर परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि वे बंगाल के विकास व बेहतर भविष्य के लिए अभिजीत बनर्जी से महत्वपूर्ण परामर्श लेंगी। उन्होंने कहा कि केवल अभिजीत ही नहीं बल्कि उनकी मां प्रोफेसर निर्मला बनर्जी जो कि आर्थिक मामले की विशेषज्ञ हैं, उन्हें भी सरकार संचालित विभिन्न परियोजनाओं में परामर्श लेने के लिए शामिल करेंगी।

उल्लेखनीय है कि बुधवार को कैबिनेट की बैठक खत्म कर मुख्यमंत्री शाम पांच बजे बालीगंज के ¨हदुस्तान पार्क स्थित अभिजीत बनर्जी के घर पहुंचीं। यहां उन्होंने अभिजीत की मां निर्मला बनर्जी के साथ शिष्टाचारिक मुलाकात की और उन्हें फुलों का गुलदस्ता और मिठाइयां भेंट की। सीएम यहां करीब 40 मिनट तक रहीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ सूचना-संस्कृति राज्यमंत्री इंद्रनील सेन और गृह सचिव अलापन बनर्जी भी उपस्थित थे। इंद्रनील सेन ने यहां गीत गाकर भी सुनाया।

अभिजीत के घर से निकलते वक्त बातचीत में सीएम ने कहा कि आगे अवसर के अनुरूप अभिजीत से बंगाल के विकास के लिए सुझाव लिया जाएगा। उनसे राज्य में शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास जैसे विभिन्न विभागों को कैसे और बेहतर बनाया जाय इस पर राय-विमर्श किया जाएगा। सुश्री बनर्जी ने कहा कि अभिजीत की मां एक आर्थिक मामलों की विशेषज्ञ हैं और उनसे हम कृषि को लेकर संचालित परियोजना के बाबत राय लेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चालू महीने के आखिर में अभिजीत का एक दिन के लिए कोलकाता आने का कार्यक्रम है, मैंने उनकी मां निर्मला बनर्जी से उनके कोलकाता आने पर मिलने की इच्छा की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया है, मैंने निर्मला बनर्जी से कहा है कि उनके यहां आने पर अभिजीत के समयानुसार सभी कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा।

बता दें कि नोबेल पुरस्कार मिलने को लेकर मुख्यमंत्री ने अभिजीत बनर्जी को पहले ही बधाई दी थी और बुधवार को खुद उनके घर पहुंचीं। इससे पहले 2011 में बंगाल की सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय के लिए एक मेंटर ग्रुप का गठन किया था जिसमें अभिजीत बनर्जी एक अहम सदस्य थे।

'अभिजीत' के बदले ममता बोल बैठीं 'अभिषेक बाबू'

बुधवार को कैबिनेट की बैठक समाप्त कर नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी के घर जाने से पहले  बातचीत में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई बार अभिजीत बनर्जी के बजाय 'अभिषेक बाबू' कह कर संबोधित किया। दरअसल अभिषेक ममता बनर्जी के सांसद भतीजे का नाम है जबकि बाबू शब्द को प्यार के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा, बंगाल से इससे पहले अम‌र्त्य सेन, मदर टेरेसा ने नोबेल पुरस्कार जीता है और अब अभिषेक बाबू (अभिजीत बाबू बोलना था) ने नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया है।

सौरव हमारे लिए परिवार के सदस्य

ममता बनर्जी ने नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के बीसीसीआइ अध्यक्ष नियुक्त होने को लेकर शुभकामनाएं दी। पत्रकारों से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा कि दोनों ने बंगाल का नाम रौशन किया है। सौरव गांगुली को लेकर ममता ने कहा कि सौरव 'घररे छेले' (घर का बेटा) है, मैंने उनसे बात की है और शुभकामनाएं दी है। सुश्री बनर्जी ने कहा कि पहले जगमोहन डालमिया उक्त पद पर थे और अब युवा सौरव गांगुली को यह मौका मिला है जो कि बंगाल के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कल मेरी टेक्स्ट मैसेज के जरिए सौरव के साथ बातचीत हुई थी। वह दुर्गा पूजा से पहले मुझसे मिलने आए थे। वह फिर आएंगे और हमारी बातचीत होगी क्योंकि सौरव हमारे लिए परिवार के सदस्य हैं। बताते चलें कि राज्य सरकार अभिजीत के साथ-साथ सौरव को भी सम्मानित व अभिनंदन करने की योजना बनाई है। 

Posted By: Preeti jha

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