कोलकाता, विशाल श्रेष्ठ। ममता सरकार ने कोरोना के प्रकोप के बीच गंगासागर मेले की तैयारियां शुरू कर दी है। इसे लेकर दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने पहली बैठक की। जिलाधिकारी डॉ. पी. उलागानाथन के नेतृत्व में हुई इस बैठक में पुलिस, लोक निर्माण, सिंचाई व परिवहन विभाग के पदाधिकारियों के अलावा बीडीओ और एसडीओ मौजूद थे।

तैयारियों के विभिन्न पहलुओं पर कोरोना के हालात को देखते हुए बातचीत की गई। बैठक में तय किया गया कि पिछले साल गंगासागर मेले के आयोजन को लेकर मिली प्रतिक्रिया का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा और तैयारियों में जो त्रुटियां रह गई थीं, उन्हें सुधारा जाएगा। पुलिस व सिविल इंजीनियरों की संयुक्त टीम जल्द नामखाना व चेमागुड़ी स्थित जेटियों का दौरा करेगी। टीम गंगासागर मेला ग्राउंड का भी मुआयना करेगी और जिला प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की तैयारियां की जाएंगी। यात्री जलयान, मालवाही जहाज और श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी घरों के निर्माण के लिए सितंबर में निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। गंगासागर मेले का बजट भी तैयार किया जा रहा है। गंगासागर मेले के दौरान सागर द्वीप में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मोबाइल सेवाएं प्रदान वाली करने वाली कंपनियों के साथ भी बातचीत की गई है। उन्हें इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर करने को कहा गया है।

गौरतलब है कि कुंभ मेले के बाद गंगासागर मेले को भारत के दूसरे सबसे बड़े धार्मिक मेले के तौर जाना जाता है। हिंदुओं की आस्था के महापर्व मकर संक्रांति पर यहां देश के कोने-कोने से लाखों की तादाद में लोग पुण्य स्नान करने पहुंचते हैं। नेपाल, भूटान, मारीशस, बांग्लादेश समेत विभिन्न देशों से भी श्रद्धालु आते हैं। गंगासागर मेला एक हफ्ते से भी ज्यादा समय तक चलता है। जिला शासन आने वाले समय में मेला परिसर में सेवा व चिकित्सा शिविर लगाने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत करेगा।

दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि चूंकि गंगासागर मेले की तैयारियां महीनों पहले शुरू कर दी जाती हैं इसलिए हमने इस दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इस बार मेले के स्वरूप व आयोजन के तरीके को लेकर केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से जो भी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, उनके अनुसार सारी व्यवस्था की जाएगी। हम किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहते बल्कि चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।'

अधिकारी ने आगे कहा-'2021 का गंगासागर मेला प्रशासन के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि श्रद्धा के सैलाब में बहकर देश के कोने-कोने से लोगों को यहां आने से रोक पाना संभव नहीं होगा इसलिए भीड़ को प्रबंधित करने व शारीरिक दूरी के नियम को बरकरार रखने के लिए जिला प्रशासन को बेहद कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।' 

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