कोलकाता, राज्य ब्यूरो। सब कुछ ठीक रहा तो आगामी सोमवार को करीब डेढ़ साल बाद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच आमने- सामने की मुलाकात हो सकती है। राज्य सरकार ने लोकायुक्त समेत सूचना आयोग और मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व नंदीग्राम से भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी को न्योता भेजा है। प्रथा के अनुसार इस तरह के संवैधानिक पद पर नियुक्ति का निर्णय मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता और विधानसभा के अध्यक्ष की समिति द्वारा लिया जाता है। वहीं, पिछले साल राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले मंत्री पद से इस्तीफा देकर ममता का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद से ही सुवेंदु राज्य सरकार के खिलाफ लगातार मुखर रहे हैं।इन सबके बीच यह पहला मौका है, जब सुवेंदु को ममता सरकार की तरफ से राज्य सचिवालय नवान्न में होने वाली इस बैठक में आने का न्योता दिया गया है।नतीजतन विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला मौका होगा जब ममता व सुवेंदु किसी बैठक में एक साथ होंगे। ऐसे में इस बैठक पर सबकी नजरें टिकीं है जब ममता का साथ छोड़ने के बाद दोनों नेता एक साथ बैठेंगे। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सुवेंदु बैठक में मौजूद रहेंगे या नहीं। इससे पहले आमंत्रण मिलने के बाद सुवेंदु ने कहा था कि उन्हें इस बाबत जो पत्र भेजा गया है, उसमें लिखा है कि राज्यपाल की सिफारिश पर उन्हें आमंत्रित किया जा रहा है। यह सही नहीं है। राज्य सरकार पहले अपनी इस गलती को सुधारे, उसके बाद वे बैठक में शामिल होने पर विचार करेंगे। अब सुवेंदु इस बैठक में शामिल होते हैं या नहीं, इसपर भी सबकी निगाहें टिकी हैं।गौरतलब है कि लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए होने वाली बैठक में विपक्ष के नेता की उपस्थिति अनिवार्य है। उनकी गैरमौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी। राज्य सरकार की तरफ से इससे पहले भी सुवेंदु को इस बाबत पत्र लिखा जा चुका है। उस वक्त विधानसभा में इसे लेकर बैठक बुलाई गई थी। सुवेंदु उसमें शरीक नहीं हुए थे। इस बार बैठक 23 मई, सोमवार को शाम साढ़े चार बजे राज्य सचिवालय नवान्न में होगी।

Edited By: Sumita Jaiswal