'अगर वो 420 हैं... तो मैं 440 वोल्ट हूं', अधिकारियों के निलंबन पर ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर तीखा हमला
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान सात एईआरओ अधिकारियों के निलंबन पर चुनाव आयोग ...और पढ़ें
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ममता ने चुनाव आयोग को भाजपा संचालित 'तुगलकी आयोग' कहा
HighLights
ममता ने चुनाव आयोग को भाजपा संचालित 'तुगलकी आयोग' कहा
निलंबित अधिकारियों की नौकरी सुरक्षित, पदोन्नति का वादा किया
भाजपा पर AI से मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मंगलवार को निर्वाचन आयोग व भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव आयोग एक राजनीतिक दल द्वारा संचालित तुगलकी आयोग बन गया है।
ममता ने एसआईआर प्रक्रिया में गंभीर कदाचार व कर्तव्य की उपेक्षा के आरोप में चुनाव आयोग द्वारा रविवार को निलंबित किए गए राज्य के सात सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को निलंबित किए जाने पर सवाल उठाते हुए कड़ी प्रतिक्रिया जताई और स्पष्ट कहा कि इसमें से किसी भी अधिकारी की नौकरी नहीं जाएगा।
ममता ने चुनाव आयोग को 'तुगलकी आयोग' कहा
शाम में राज्य सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ममता ने अधिकारियों के निलंबन पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए साफ कहा कि इनमें से किसी को भी बर्खास्त नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग को चुनौती देते हुए ममता ने कहा कि भले इन अधिकारियों को चुनाव संबंधी कार्यों में नहीं लगाया जाएगा, लेकिन राज्य सरकार द्वारा जिलों में इन्हें अच्छा काम दिया जाएगा।
ममता ने आरोप लगाया कि निलंबन से पहले इन सात अधिकारियों को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन अधिकारियों के साथ है और हम उनकी शत-प्रतिशत रक्षा करेंगे। यहां तक कहा कि जिन अधिकारियों को निलंबित या पदावनत किया गया है उन्हें पदोन्नति भी दी जाएगी।
मालूम हो कि रविवार को निर्वाचन आयोग ने बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया में गंभीर कदाचार, कर्तव्य की उपेक्षा और वैधानिक शक्तियों के दुरुपयोग के लिए एईआरओ स्तर के सात अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
एईआरओ का अपराध क्या है?
ममता ने आयोग से पूछा कि एईआरओ को निलंबित करने का क्या कारण है? उनका अपराध क्या है? मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी ने कुछ गलत किया है, तो इसकी सूचना राज्य को दी जा सकती थी। हमने आयोग के निर्देशों का विनम्रतापूर्वक पालन किया है।
लेकिन उन्हें निलंबित किए जाने से पहले अपना बचाव करने का मौका तक नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि वह आयोग द्वारा निलंबित कुछ संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जानती हैं और उन्होंने एसआईआर के दौरान दिन-रात कड़ी मेहनत की है।
ममता ने कहा कि अनुशासन प्रणाली में किसी को निलंबित करने से पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है। यहां बिना जांच किए ही निर्णय लिया गया है। ममता ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार उन लोगों के साथ खड़ी रहेगी जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि डीएम, एईआरओ और पुलिस प्रशासन को डराया-धमकाया जा रहा है। ममता ने कहा कि चुनाव नियम (आचार संहिता) मतदान की तारीखों की घोषणा के बाद ही लागू होते हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव की घोषणा से कई महीने पहले से आयोग मनमाने तरीके से काम कमर रहा है और अधिकारियों को निर्देश दे रहा है।
मतदाता सूचियों में हेरफेर का आरोप लगाया
ममता ने निर्वाचन आयोग को तुगलकी आयोग बताते हुए उसपर भाजपा के निर्देश पर एसआईआर प्रक्रिया के दौरान राज्य की मतदाता सूचियों में व्यापक हेरफेर का भी आरोप लगाया।
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा के आइटी सेल की एक महिला पदाधिकारी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल करके बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत में ही 58 लाख मतदाताओं के नाम हटवा दिए।
ममता ने कहा कि निर्वाचन आयोग सुप्रीम कोर्ट के आदेशों तक की अवहेलना कर मतदाताओं को निशाना बना रहा है और लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है।
ममता ने यहां तक कहा कि भाजपा के निर्देश पर निर्वाचन आयोग जिस प्रकार बंगाल के मतदाताओं के नाम सूची से हटाकर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन रहा है - यह रावण द्वारा सीता के अपहरण जैसा है।
आम लोगों के साथ आतंकियों की तरह बर्ताव
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि तार्किक विसंगतियों का हवाला देते हुए आयोग न सिर्फ लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन रहा है बल्कि आम लोगों के साथ आतंकियों की तरह बर्ताव कर रहा है।
भाजपा को खुश करने के लिए बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है। ममता ने दावा किया कि राज्य में एसआईआर को लेकर चिंता और काम से संबंधित दबाव के कारण 160 लोगों की जान चली गई।
अगर वो 420 हैं... तो मैं 440 वोल्ट हूं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में कोई भी मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता के हित में जेल जाने या किसी भी कुर्बानी के लिए तैयार हैं। मैं पीछे नहीं हटूंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कुछ लोग 420 हैं, तो मैं 440 वोल्ट हूं।
