कोलकाता, [जागरण संवाददाता] । दार्जिलिंग को भाजपा अशांत रखना चाहती है। वह पश्चिम बंगाल को बांटने की साजिश रच रही है। पहाड़ पर शांति के लिए राज्य सचिवालय में सोमवार को बुलाई गई तीसरी सर्वदलीय बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर ये गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि पहाड़ पर अशांति फैलाने के लिए एक केंद्रीय मंत्री उकसा रहे हैं। पहाड़ पर हुई हिंसा में उनका हाथ है। इसके सुबूत भी हैं। दार्जिलिंग समेत पूरे पहाड़ी इलाके में शांति लौटने ही वाली है। फिर से हिंसा हो इसीलिए केंद्रीय बल को वापस लिया जा रहा है। राज्य से बिना बातचीत किए व कोई जानकारी दिए तथा अदालत के निर्देश के बावजूद केंद्रीय बल वापस लेना पूरी तरह से संघीय ढांचे पर आघात है। ममता ने छत्तीसगढ़, झारखंड व बिहार में तैनात केंद्रीय बलों के आंकड़े देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तीन दिन पहले ही एक युवा व होनहार पुलिस अफसर की दार्जिलिंग के पास मौत हुई है। पहाड़ पर उग्रवादी गतिविधियां चल रही हैं।

ऐसे में वहां से केंद्रीय बल हटाना बहुत ही खराब निर्णय है। इसमें भाजपा नेता का हाथ है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बल हटाने के मामले पर नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा है। उन्होंने फोन पर राजनाथ से बातचीत भी की है। बैठक को बताया संतोषजनक पहाड़ को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक में पहाड़ के तीनों विधायकों के अलावा जीएनएलएफ(गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट), अखिल भारतीय गोरखा लीग व तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक को मुख्यमंत्री ने सकारात्मक और संतोषजनक बताया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के लोग शांति चाहते हैं। बैठक में पहाड़ पर शांति स्थापित करने के लिए सभी दलों ने योगदान करने की बात कही है।

पहाड़ मसले पर अगली बैठक 21 नवंबर को दार्जिलिंग के पिनटेल विलेज में होगी। इनसेट पहाड़ समस्या के हल को केंद्र शुरू करे त्रिपक्षीय वार्ता: तामांग गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) की जगह दार्जिलिंग में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से गठित बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (बीओए) के अध्यक्ष विनय तामांग ने सोमवार को कहा कि गोरखालैंड उनकी प्राथमिकता में है और पहाड़ समस्या के स्थाई हल के लिए केंद्र सरकार त्रिपक्षीय वार्ता शुरू करे। पहाड़ मसले पर राज्य सचिवालय में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने फिर दोहराया कि पहाड़ की जनता गोरखालैंड के लिए हिंसक आंदोलन के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने गोजमुमो (गोरखा जनमुक्ति मोर्चा) सुप्रीमो बिमल गुरुंग पर हमला बोलते हुए कहा कि गुरुंग का जनाधार पहाड़ पर खत्म हो चुका है और उन्हें राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए।

 

 

Posted By: Preeti jha

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप