राज्य ब्यूरो, कोलकाता: पुराने पुलिस अंफसरों की बातें नहीं सुनें। वर्तमान में जिन पुलिस अधिकारियों पर दायित्व है उनकी बातों पर चलें। इसी तरह राज्य सचिवालय(नवान्न) में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने परामर्श दिया। मंगलवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले की पूर्व एसपी व आइपीएस अफसर भारती घोष का नाम लिए बिना ममता ने स्पष्ट कर दिया कि वह क्या चाहती हैं।

जंगलमहल में एक वक्त पुलिस अफसर भारती घोष की तूती बोलती थी। उनके भय की वजह से एक ही घाट कर बकरी व बाघ पानी पीने को मजबूर थे। उनके कार्यकाल में कई कंट्टर माओवादियों ने ¨हसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया था और समाज की मूल धारा में लौट आए थे। परंतु, वर्तमान में भारती घोष पूर्व पुलिस अफसर हो चुकी हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री ने भारती घोष का नाम लिए बिना स्पष्ट कर दिया है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली पूर्व नहीं वर्तमान के पुलिस अफसरों की बातों पर चलें। बताते चलें कि पश्चिम मेदिनीपुर जिले की पुलिस अधीक्षक के पद से हटाए जाने के बाद भारती घोष ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके खिलाफ अवैध वसूली समेत कई मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। यही नहीं घोष के खिलाफ वारंट भी जारी किया जा चुका है।

दूसरी ओर मंगलवार को नदिया जिले के कृष्णानगर कॉलेज मैदान में आयोजित सभा से पंचायत चुनाव में तृणमूल नेताओं व कार्यकर्ताओं को क्या करना है यह भी स्पष्ट कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि विकास कार्य जारी रखने के लिए सभी जिला परिषद में तृणमूल को जीतना आवश्यक है। इस मंच से केंद्र सरकार से लेकर विरोधी दलों को पर भी जमकर हमला बोला। कई दर्जन परियोजनाओं की घोषणा के साथ-साथ नवद्वीप को हेरिटेज शहर व मायापुर को व‌र्ल्ड हेरिटेज सेंटर के रूप में भी घोषणा की। पंचायत चुनाव के मद्देनजर मंगलवार को ममता ने 13000 किलोमीटर ग्रामीण सड़क योजना का भी शुभारंभ किया।

Posted By: Jagran