कोलकाताः भारत में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए शुरू हुए कोविड-19 टीकाकरण अभियान को एक साल हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ताओं की तारीफ की और ट्विटर के जरिए उनके काम को सराहा। लेकिन ममता सरकार का दावा है कि राज्‍य में वैक्‍सीन की कमी है, ऐसे में सरकार को निर्यात बंद करना चाहिए। पीएम मोदी ने रविवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि आज हमें वैक्सीनेशन ड्राइव के एक वर्ष पूरा हो गए। मैं टीकाकरण अभियान से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को सलाम करता हूं। हमारे टीकाकरण कार्यक्रम ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में काफी ताकत जोड़ दी है। इसने लोगों की जान बचाई है और इस तरह आजीविका की रक्षा की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक 156.76 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं और भारत की 92 प्रतिशत से अधिक वयस्क आबादी को कम से कम एक खुराक मिल चुकी है।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सौगत राय ने कहा कि केंद्र सरकार के टीकाकरण के काम में खामियां हैं। अभी तक सभी का टीकाकरण नहीं हो पाया है। सभी टीके केंद्र सरकार के हाथ में हैं। बंगाल अभी तक अपनी 40 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण नहीं कर पाया है क्योंकि केंद्र राज्य को टीके उपलब्ध नहीं करा पाया है। इसके बजाय टीकों का निर्यात किया जा रहा है। अगर वे टीके राज्यों को दे दिए जाते तो पहले से ही सभी का टीकाकरण करना संभव हो जाता।

बंगाल की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा क‍ि राज्य केंद्र की वैक्सीन राजनीति का शिकार हो गया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधीर चौधरी ने भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार के आत्म-प्रचार के अलावा और कुछ नहीं है। सभी को टीका नहीं लग पाया है। लेकिन मोदी को फोन उठाने के लिए धन्यवाद दिया जा रहा है। झूठ का ढोल बजाकर सरकार अपनी बात नहीं रख पाई। यह शर्मनाक है। माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने दावा किया कि राज्य में कम टीकाकरण के लिए तृणमूल और भाजपा दोनों समान रूप से जिम्मेदार हैं।

Edited By: Vijay Kumar