राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नई वैक्सीनेशन नीति को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला। इसके साथ ही, उन्होंने सवाल किया कि आखिर इसके ऐलान में इतनी देरी क्यों की गई? राज्य सचिवालय नवान्न में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए ममता ने कहा- ये चल क्या रहा है। वैक्सीनेशन के लिए क्रेडिट लेने की प्रधानमंत्री को कोई आवश्यकता नहीं है।ये पैसे देश के लोगों के हैं ना कि भाजपा के। अगर ये जनता के पैसे हैं तो फिर लोगों को वैक्सीन पहले ही क्यों नहीं लगी।

उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर केंद्र सरकार की गलत नीति के चलते बहुत लोग मारे गए। यूपी में गंगा से हर दिन डेड बॉडी मिल रही है। उन्होंने वैक्सीन पर जीएसटी लगाने के कदम की भी आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जिंदगी और मौत का खेल कर रही है। उन्होंने साथ ही कहा कि आगरा में ऑक्सीजन नहीं देकर लोगों को मार दिया, ये क्या है? पीएम क्यों क्रेडिट लेते हैं फिर? ममता ने कहा कि हमने अब तक दो करोड़ लोगों को टीका दिया है। पीएम से सिर्फ भाषण छोड़कर कुछ नहीं मिला। उन्होंने ने कहा कि 35 हजार करोड़ रुपये जनता को वैक्सीन देने के लिए था। वो रुपया कहां गया, ये सवाल तो सुप्रीम कोर्ट ने किया है।

हम सुप्रीम कोर्ट के हैं आभारी

ममता ने आगे कहा- हमने भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया था। हम आभारी है सुप्रीम कोर्ट का, उन्होंने टीकाकरण पर एक दिशा-निर्देश दिया है और संघीय ढांचा को अहमियत देने के लिए कहा है। ममता ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बिहार चुनाव से पहले ही कहा था कि फ्री वैक्सीन दी जाएगी। कितने दिन उस बात को हो गए? उस बात को करीब 7-8 महीने से ज्यादा हो चुका है। ममता ने साथ ही आशंका जताई कि मोदी सरकार की मुफ्त टीकाकरण की घोषणा फिर जुमला न साबित हो जाए।

संघीय ढांचे में भी हो राज्यों का यूनियन

ममता ने आगे कहा कि संघीय ढांचे में राज्य सरकारों का एक यूनियन होना चाहिए ताकि अगर किसी राज्य को परेशान किया जाता है तो अन्य राज्य उसके पक्ष में उठ खड़े सके। उन्होंने कहा कि राज्यों को निशाना बनाना (बुलडोजिंग) संघीय ढांचे के लिए अच्छी बात नहीं है।

Edited By: Vijay Kumar