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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएम मोदी की दावत में शिरकत करेंगी ममता बनर्जी

By Sachin MishraEdited By:
Published: Thu, 06 Apr 2017 09:47 AM (IST)Updated: Thu, 06 Apr 2017 09:59 AM (IST)

बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के सम्मान में आठ अप्रैल को पीएम मोदी द्वारा दिए जाने वाले दोपहर भोज में ममता बनर्जी शामिल होंगी।

पीएम मोदी की दावत में शिरकत करेंगी ममता बनर्जी
पीएम मोदी की दावत में शिरकत करेंगी ममता बनर्जी

जागरण संवाददाता, कोलकाता। प्रधानमंत्री के आमंत्रण पर तृणमूल प्रमुख व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक विशेष बैठक में शामिल होने दिल्ली जा रही हैं। वे सात अप्रैल को दिल्ली के लिए रवाना होंगी। मुख्यमंत्री बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के सम्मान में आठ अप्रैल को पीएम द्वारा दिए जाने वाले दोपहर भोज में शामिल होंगी। इसके अलावा वे राष्ट्रपति के रात्रि भोज में भी शामिल होंगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पहले ही बैठक में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया था। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने भी ममता बनर्जी को पहले ही आमंत्रित किया था अब पीएमओ की ओर से भी सुश्री बनर्जी को आमंत्रित किया गया है।

बताया जाता है कि शेख हसीना का भारत दौरा कई मायने में अहम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शेख हसीना की एक बैठक होगी जिसमें ममता बनर्जी शामिल होंगी। इस दौरान बांग्लादेश के साथ करीब 34 मामलों पर करार होना है। हसीना के सफर में वाणिज्य को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इस दौरान पश्चिम बंगाल के पेट्रापाल बार्डर व बांग्लादेश के बेनापोल के रास्ते व्यापार शुरू करने पर चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त खुलना से कोलकाता के बीच बस सेवा शुरू करने पर भी चर्चा होगी।

दरअसल, हसीना संग होने वाली इस बैठक में ममता को शामिल करने के पीछे कई वजह है। इस बैठक में तिस्ता समझौता जैसे मुद्दे पर चर्चा होनी है जिसमें ममता बनर्जी की काफी अहम भूमिका है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि ममता संग हसीना के बेहतर ताल्लुकात हैं। सांस्कृतिक और भौगोलिक नजरिए से भी बैठक में बंगाल को शामिल करना आवश्यक है।

करीब तीन दशक से तिस्ता जल बंटवारे का मुद्दा दोनों देशों के बीच फंसा हुआ है, लेकिन अब तक राजनीतिक स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। इस बैठक के जरिए कूटनीतिक समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। चंद रोज पहले ही ममता बनर्जी ने एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि यह सुना जाता रहा है कि तीस्ता जल बंटवारे पर करार होगा लेकिन राज्य सरकार को इसकी कोई जानकारी नहीं दी जाती। ममता बनर्जी नोटबंदी, राज्यों को मिलने वाले फंड, मिड डे मिल के आधार अनिवार्य किए जाने समेत कई मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ बगावती रही हैं। ऐसे में ममता का दिल्ली दौरा राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है।
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