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'चाहे पांच कार्यकर्ता ही क्यों न मौजूद हों, हर हाल में होगी शहीद दिवस रैली', TMC की वार्षिक रैली पर बोली ममता बनर्जी

Published: Fri, 26 Jun 2026 03:58 PM (IST)

ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि 21 जुलाई को कोलकाता में टीएमसी की पारंपरिक वार्षिक शहीद दिवस रैली हर हाल में होगी, भले ही कम कार्यकर्ता मौजूद हों।

टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी(फाइल फोटो)

टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी(फाइल फोटो)

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा में करारी हार व सत्ता गंवाने के बाद टीएमसी के भीतर लगातार बढ़ती टूट और नेताओं के पाला बदलने के बीच पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। ममता ने घोषणा की है कि 21 जुलाई को कोलकाता के धर्मतल्ला में टीएमसी की पारंपरिक वार्षिक शहीद दिवस रैली हर हाल में होगी, चाहे वहां सिर्फ पांच कार्यकर्ता ही क्यों न मौजूद हों।

उत्तर कोलकाता में पार्टी के जिलाध्यक्ष व बेलेघाटा से विधायक कुणाल घोष द्वारा गुरुवार शाम आयोजित एक कार्यकर्ता बैठक में फोन के जरिए करीब 12 मिनट के संबोधन में ममता ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि 21 जुलाई की सभा की अनुमति मिलेगी।

हम साल में एक ही दिन यह बड़ी सभा करते हैं। उस दिन मैं विस्तार से बात करूंगी। अगर सिर्फ पांच कार्यकर्ता भी होंगे, तब भी मैं उस मंच पर मौजूद रहूंगी।

आप सब उस दिन जरूर एकत्र हों। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सत्ता जाने के बाद पहली बार 21 जुलाई की रैली ममता के लिए बड़ी परीक्षा होगी। इस रैली के जरिए ममता हर साल लाखों की भीड़ जुटाकर शक्ति प्रदर्शन करती रही हैं।

पिछले साल भी इस रैली में लाखों की भीड़ जुटी थी, लेकिन इस बार हालात बदल चुके हैं। पिछले कुछ समय में पार्टी के कई बड़े नेता, 20 से अधिक सांसद और 80 में से 60 से अधिक विधायक उनसे दूरी बना चुके हैं और संगठन में लगातार टूट देखी जा रही है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच अब भी ममता के प्रति वही भावनात्मक जुड़ाव कायम है या नहीं।

बागी नेताओं को ममता की चेतावनी

अपने भाषण में ममता ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं और बागियों को साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिनके पास अभी भी समझदारी है, वे वापस लौट आएं। और जो लोग सोच रहे हैं कि इसी रास्ते पर चलते रहेंगे, वे न घर के रहेंगे, न घाट के।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए पार्टी से “गद्दारी” की है।

ममता ने भावुक अंदाज में कहा कि कुछ लोगों ने खुद को बचाने और परिवार बचाने के लिए बेईमानी की है। मां ने आपको बनाया, और आज जब वही मां बीमार है तो आप उसे छोड़ देंगे?

अभिषेक बनर्जी और परिवार पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया

ममता ने राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद से अपने परिवार और सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हो रही जांच एजेंसियों की कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सोचिए आज हमारे परिवार पर क्या गुजर रही है।

अभिषेक को नियमित रूप से कोर्ट जाना पड़ रहा है। रोज सीआइडी और ईडी बुला रही है। ममता ने विधानसभा में टीएमसी के बागी गुट का नेतृत्व करने वाले विधायक ऋतब्रत बनर्जी पर भी बिना नाम लिए हमला बोला और उन्हें गद्दार बताया।