ममता ने घर के बाहर 3 लोगों को थप्पड़ मारा: TMC की रैली में BJP कार्यकर्ताओं ने अंडे फेंके, चोर-चोर के नारे लगाए
कोलकाता में बारुईपुर घटना के विरोध में तृणमूल युवा कांग्रेस की रैली के दौरान भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

ममता ने घर के बाहर 3 लोगों को थप्पड़ मारा। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है )
HighLights
टीएमसी रैली में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अंडे फेंके, चोर-चोर के नारे लगाए।
झड़प के दौरान ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं को थप्पड़ मारा।
पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया, दोनों पक्षों के कार्यकर्ता घायल।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में कोलकाता में तृणमूल युवा कांग्रेस की रैली (पैदल मार्च) के दौरान भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और जबर्दस्त हंगामा देखने को मिला।
आरोप है कि दक्षिण कोलकाता के बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ की तरफ रैली के शुरू होते ही इसके विरोध में भाजपा समर्थकों ने ममता व तृणमूल के खिलाफ चोर-चोर के नारे लगाने शुरू कर दिए और दावा किया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री को लक्ष्य कर कुछ लोगों ने अंडा भी फेंका, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों में हाथापाई तक पहुंच गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया।
झड़प व लाठीचार्ज में दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता घायल भी हो गए। इस हंगामे के बीच ममता ने भी अपना आपा खो दिया और अपनी पार्टी के ही तीन कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया।
#BREAKING: ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता को जड़ा थप्पड़।#MAMATA #VIDEO pic.twitter.com/mAfLK4KiII
— दीपक गुप्ता 🇮🇳 (@deepakg111) July 8, 2026
ममता ने तीन कार्यकर्ताओं को मारे थप्पड़
इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में ममता को अपनी पार्टी के सदस्यों को हंगामे वाली जगह से दूर ले जाते हुए और एक कार्यकर्ता को गाल पर जबकि दो अन्य को पीठ पर थप्पड़ मारते देखा जा सकता है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर इसका वीडियो साझा करते हुए तंज कसा कि हार के बाद ममता मानसिक संतुलन खो रही हैं।
वहीं, तृणमूल नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर रैली में बाधा डालने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। तृणमूल का कहना है कि रैली में हंगामा व भाजपा के हमले में कई कार्यकर्ता घायल और बीमार पड़ गए, ममता बनर्जी उन्हें अस्पताल भेजने की व्यवस्था कर रही थीं और भीड़ से हटने का इशारा कर रही थीं। तभी उन्होंने गलती से एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मार दिया।
तृणमूल का दावा- उसके 41 कार्यकर्ता और नेता गंभीर रूप से घायल हो गए
ममता समर्थित तृणमूल खेमे का आरोप है कि रैली के दौरान भाजपा द्वारा की गई हिंसा में उसके 41 कार्यकर्ता और नेता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रैली की शुरुआत में झड़प होने के बावजूद हालांकि ममता की रैली नहीं रुकीं और लगातार वो आगे बढ़ती गईं। बालीगंज फाड़ी से शुरू हुई विरोध रैली तीन किलोमीटर की दूर तय कर ममता के कालीघाट स्थित आवास के करीब हाजरा मोड़ पर खत्म हुई। रैली को मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय से सशर्त अनुमति मिली थी।
ममता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
तृणमूल की रैली के दौरान हुई झड़प के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता ने भाजपा और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हाई कोर्ट की अनुमति के बावजूद रैली में भाजपा समर्थकों ने हमला किया और कोलकाता पुलिस ने निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई।
ममता ने कहा कि तृणमूल की रैली शांतिपूर्ण ढंग से निकाली जा रही थी, लेकिन रैली में शामिल कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि कई कार्यकर्ता घायल हुए और उन्हें स्वयं बाहर निकलकर घायलों की मदद करनी पड़ी।
ममता ने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा के एक भाग के तौर पर काम कर रही है। दूसरी ओर, भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार का रिकॉर्ड खराब रहा है, इसलिए तृणमूल को इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने का नैतिक अधिकार नहीं है।
