राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने कहा कि पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund) के तहत मिले धन के मामले में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र का यह कहना निंदनीय है कि संबंधित ट्रस्ट कोई सरकारी कोष नहीं है। बनर्जी ने कहा कि केंद्र ने यह कह कर ‘‘हम सबको भ्रमित कर दिया है’’कि पीएम केयर्स फंड सरकारी कोष नहीं है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री राहत कोष का नियमित तौर पर ऑडिट होता है। पीएम-केयर्स फंड कोविड-19 के लिए बनाया गया था, लेकिन कल उन्होंने (केंद्र) अदालत को बताया कि यह सरकारी फंड नहीं है। सरकारी कर्मियों ने उसमें धन दान किया है, सीएसआर के जरिए धन दान किया गया है, लाखों-करोड़ों रुपये दान किए गए हैं। वह धन कहां है?

दरअसल, केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि पीएम-केयर्स फंड कोई सरकारी कोष नहीं है और संविधान तथा सूचना के अधिकार (आरटीआइ) अधिनियम के तहत इसके दर्जे के संबंध में किसी तीसरे पक्ष को सूचना नहीं दी जा सकती। बनर्जी ने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में एक चुनावी सभा में पेगासस मामले को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला।

ममता ने कहा कि पूर्ववर्ती माकपा सरकार ने इतना अन्याय किया, क्या उसके खिलाफ कोई सीबीआइ या ईडी का केस दर्ज किया गया है? हमारी पार्टी इतनी बहादुरी से लड़ी, लेकिन उसे नहीं बख्शा जा रहा है। हमारे फोनों की पेगासस के जरिए निगरानी की जा रही है। बता दें कि भवानीपुर में 30 सितंबर को उफचुनाव होने हैं और ममता ताबड़तोड़ प्रचार में जुटीं हुईं हैं। ममता यहां से उम्मीदवार हैं और सीएम बने रहने के लिए उन्हें चुनाव जीतना जरूरी है। बताते चलें कि ममता इससे पहले भी पीएम केयर्स फंड को लेकर केंद्र पर हमलावर रही हैं।

Edited By: Babita Kashyap