दिल्ली में आंदोलन के बाद कोलकाता लौटीं ममता बनर्जी, कालीघाट की दुर्गापूजा का किया उद्घाटन
दिल्ली में आंदोलन के बाद कोलकाता लौटीं ममता बनर्जी ने कालीघाट मिलन संघ के दुर्गापूजा पंडाल का उद्घाटन किया।

दिल्ली में आंदोलन के बाद कोलकाता लौटीं ममता बनर्जी (फाइल)
HighLights
ममता बनर्जी ने कालीघाट मिलन संघ पूजा पंडाल का उद्घाटन किया।
दिल्ली में आंदोलन के बाद कोलकाता लौटीं पूर्व मुख्यमंत्री।
सत्ता परिवर्तन के बाद बदली भूमिका में दिखीं ममता।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। दिल्ली में आंदोलन के बाद कोलकाता लौटीं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार शाम दुर्गापूजा के उत्सव में शामिल हुईं। उन्होंने तृतीया की शाम अपने इलाके के कालीघाट मिलन संघ के पूजा पंडाल का उद्घाटन किया। साधारण पारंपरिक साड़ी पहने ममता को पंडाल में फीता काटकर पूजा का उद्घाटन करते देखा गया।
इस साल सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार वह पूजा के दौरान सार्वजनिक रूप से किसी पंडाल का उद्घाटन करती नजर आईं। ममता बनर्जी पिछले शुक्रवार रात विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुई थीं। महालया के दिन वह राजधानी में थीं, जहां आंदोलन के दौरान उन्हें हिरासत में भी लिया गया था। मंगलवार को कोलकाता लौटने के बाद वह सीधे अपने इलाके के पूजा आयोजन में पहुंचीं।
सत्ता के बाद भूमिका बदली
पिछले 15 वर्षों में ममता बनर्जी दुर्गापूजा के दौरान कोलकाता के कई बड़े पंडालों का उद्घाटन करती रही थीं। शुरुआत में महालया के बाद उद्घाटन कार्यक्रम होते थे, लेकिन व्यस्तता बढ़ने के साथ उन्होंने महालया से पहले भी पंडालों का उद्घाटन करना शुरू कर दिया था। इस बार सत्ता में बदलाव के बाद उनकी भूमिका बदल गई है।
शुभेंदु अधिकारी कर रहे हैं पूजा पंडालों का उद्घाटन
राज्य में अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी हैं। इस बार कई प्रमुख पूजा पंडालों का उद्घाटन उनके हाथों हुआ है। महालया से पहले पूजा उद्घाटन को लेकर भाजपा की ओर से आपत्ति जताई गई थी। शुभेंदु अधिकारी ने भी महालया से पहले किसी पंडाल का उद्घाटन नहीं किया था। हालांकि, रविवार के बाद से उन्होंने कोलकाता के कई पूजा पंडालों का उद्घाटन किया है।
2024 में आरजी कर की घटना के बाद बंगाल में विरोध प्रदर्शनों के बीच ममता बनर्जी की लोगों से दुर्गापूजा में लौटने की अपील भी चर्चा में रही थी। इस बार सत्ता से बाहर रहने के कारण पूजा आयोजनों में उनकी भूमिका पहले के मुकाबले अलग है। मंगलवार को कालीघाट मिलन संघ के पंडाल में उनकी मौजूदगी इसी बदले राजनीतिक परिदृश्य के बीच सामने आई।
