CEC विवाद पर विपक्षी एकजुटता की कवायद, ममता ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव से की बात; बुधवार को दिल्ली में INDIA की बैठक
ममता बनर्जी ज्ञानेश कुमार विवाद पर विपक्षी दलों को एकजुट कर रही हैं, राष्ट्रीय राजनीति में मुद्दों पर ध्यान केंद्रित ...और पढ़ें

चुनाव आयोग विवाद पर मजबूत विपक्षी एकजुटता चाह रहीं ममता
HighLights
ममता बनर्जी ज्ञानेश कुमार विवाद पर मजबूत विपक्षी एकजुटता की पक्षधर।
आगामी INDIA गठबंधन बैठक में चुनाव रणनीति, महाभियोग पर चर्चा।
ममता ने राष्ट्रीय राजनीति में दल के बजाय मुद्दों पर जोर दिया।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद पर ममता टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी विपक्षी दलों को मजबूती से एकजुट करने में जुट गई हैं।
शनिवार को हुगली जिले के श्रीरामपुर में जनसभा कर उन्होंने कहा-‘राष्ट्रीय राजनीति में किसी दल के रंग या पहचान को देखने के बजाय मुद्दे को देखा जाएगा। अगर कोई मुद्दा जनता के हित में है तो तृणमूल उसके साथ खड़ी होगी। कौन लाल, कौन नीला, कौन पीला, यह देखने की जरूरत नहीं है। हम एकजुट होकर लड़ेंगे। चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी होनी ही चाहिए।'
ममता का यह बयान ऐसे समय आया है, जब आगामी बुधवार को दिल्ली में विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए की बैठक होने वाली है। बैठक बुलवाने में ममता की अहम भूमिका बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार उन्होंने इस बाबत पुराने मतभेद भुलाकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी व माकपा महासचिव एमए बेबी को फोन किया था। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत अन्य विपक्षी नेताओं से भी बात की थी।
सूत्रों के अनुसार बैठक में ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने, कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन छेड़ने और आगामी चुनावों को लेकर साझा रणनीति पर चर्चा होगी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा भी उठेगा।
ममता टीएमसी की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने बताया कि बैठक में ममता बनर्जी व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी दोनों शामिल होंगे। केवल ज्ञानेश कुमार या चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की उन नीतियों पर भी चर्चा होगी, जिन्हें विपक्षी दल देश के हितों के प्रतिकूल मानते हैं।
कांग्रेस व वामदलों से दूरी बनाकर चल रही थीं ममता
मालूम हो कि आइएनडीआइए में साथ होने पर भी गत बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तक ममता कांग्रेस व वामदलों से दूरी बनाकर चल रही थीं, हालांकि चुनाव में हार के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस, वामदल समेत सभी दलों से साथ आने का आह्वान किया था। उस समय कांग्रेस व माकपा, दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।
अब ज्ञानेश विवाद में ममता मजबूत विपक्षी एकजुटता चाहती हैं। ममता ने सत्ता गंवाने के बाद शनिवार को पहली बार कोलकाता के बाहर जनसभा कर कहा-‘हम यह नहीं देखेंगे कि कौन ए, बी, सी, डी या जेड पार्टी आंदोलन कर रही है। हम मुद्दा देखेंगे। अगर मुद्दा जनता के पक्ष में है तो यह देखने की जरूरत नहीं कि कौन सी पार्टी है और उसका रंग क्या है। हम उनके साथ रहेंगे।
दूसरी ओर बंगाल माकपा के सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाएं चुनौती के दौर से गुजर रही हैं। ममता बनर्जी को अपना रुख स्पष्ट करना होगा।
