जागरण संवाददाता, मुर्शिदाबाद : बीमा राशि की रसीद मांगने पर शिक्षक ने ऐसा जलील किया था जिसे वह भूल नहीं सका। बदला लेने के लिए उसने हत्या करने की योजना बना डाली थी। धारदार हथियार से शिक्षक की हत्या कर दी थी। पहचान लिए जाने पर उसने पत्‍‌नी और बेटे को भी मौत के घाट उतार दिया था। मात्र पांच मिनट में तीनों की हत्या कर वह घर से निकल गया था। पहचान नहीं हो सके इसके लिए उसने कपड़े भी बदल लिए थे। ऐसा ही खुलासा ट्रिपल मर्डर मामले मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर पुलिस ने किया है। इस मामले में हत्यारोपित की बहन को भी हिरासत में लिया गया है। इधर कोई भी वकील ने आरोपित की तरफ से मुकदमा लड़ने से इन्कार किया है।

बता दें कि बीते 8 अक्टूबर यानी विजय दशमी के दिन जियागंज थाना अंतर्गत लेबूबागान निवासी पेशे से शिक्षक बंधु प्रकाश पाल, उसकी पत्‍‌नी ब्यूटी पाल और आठ वर्षीय बेटे बंधु अंगन पाल की खून में सनी लाश घर से बरामद हुई थी। संदेह के आधार पर मृत शिक्षक के पिता अमर पाल, दोस्त सौभिक बनिक समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया था। घटना के दिन एक अंजान व्यक्ति के शिक्षक के घर से निकलने की चर्चा ने भी जोर पकड़ा था। अंजान व्यक्ति कौन था पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी थी। ट्रिपल मर्डर की जांच में पुलिस का सहयोग करने के लिए सीआइडी भी उतर गई थी। संदेह की सूची में प्राथमिकता पर रहे सौभिक की पहली पत्‍‌नी से भी मैराथन पूछताछ की गई थी। शिक्षक के गुम हुए एक मोबाइल फोन को भी तलाशा जा रहा था। घटनास्थल से बरामद बीमा के कागजात की जांच में उत्पल बेहरा नामक अंजान व्यक्ति का सुराग मिल गया। बीते सोमवार रात हत्यारोपित उत्पल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसकी बड़ी बहन को भी हिरासत में ले लिया गया। मंगलवार सुबह मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक एस मुकेश ने प्रेस वार्ता बुलाकर ट्रिपल मर्डर का खुलासा कर दिया। उन्होंने दावा किया कि पेशे से राजमिस्त्री उत्पल ने शिक्षक परिवार की हत्या करने का जुर्म स्वीकार कर लिया है। एसपी के अनुसार पूछताछ में पता चला कि मृतक शिक्षक कई बीमा कंपनियों के साथ भी जुड़ा हुआ था। उत्पल ने भी उससे बीमा करवाया था। बीमा की किश्त जमा करने के लिए उसने शिक्षक को 48 हजार रुपये दिए थे। कुछ दिनों बाद रशीद मांगने पर शिक्षक आनाकानी करने लगा था। किश्त के जमा नहीं होने का पता चलने पर उत्पल ने उससे रकम वापस करने या रशीद देने का दबाव डालना शुरू कर दिया था। इस पर शिक्षक ने उसको सार्वजनिक रूप से अपमानित और गालीगलौज किया था। इसका बदला लेने के लिए उत्पल ने सप्तमी को ही शिक्षक की हत्या करने की योजना बना डाली थी। इसके लिए उसने साहापुर से धारदार हथियार खरीद कर अपनी बड़ी बहन के घर रख दिया था। उसने शिक्षक के घर की रैकी भी की थी। एसपी के मुताबिक विजय दशमी के दिन उत्पल दोपहर करीब 12 बजे शिक्षक के घर पहुंचा था और रुपये वापस करने का दबाव डालने लगा था जिसको लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद उसने शिक्षक पर धारदार हथियार से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया था। इसी बीच पत्‍‌नी ब्यूटी पाल ने उत्पल को पहचान लिया तो गवाह मिटाने के लिए उसने उसकी और बेटे अंगन की भी हत्या कर दी थी। दोपहर करीब 12.6 से 12.11 बजे के बीच यानी पांच मिनट में तीनों की हत्या कर वह वहां से निकल गया था। पहचान नहीं हो सके इसके लिए उसने खून में सने कपड़े भी बदल लिए थे। हालांकि घर से निकलते वक्त आसपास के लोगों की नजर उस पर पड़ गई थी। घटना को अंजाम देने के बाद उत्पल ने अपनी बहन के घर आश्रय लिया था। एसपी ने दावा किया कि हत्याकांड में राजनीतिक संबंध नहीं बल्कि सीधे तौर पर लेनदेन का मामला है। हालांकि उत्पल बेहरा की मां ने बेटे को निर्दोष बताया। आरोप लगाया कि बेटे को साजिश के तहत फंसाया गया है। विरोधी राजनीतिक पार्टियों ने भी खुलासे को लेकर पुलिस के दावे पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को हत्यारोपित को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। उधर, हत्याकांड का खुलासा होने के बाद स्थानीय लोगों ने उत्पल की बहन के घर धावा बोलकर तोड़फोड़ कर दी।

Posted By: Jagran

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