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अंडा फेंके जाने पर महुआ ने दर्ज कराई शिकायत, भाजपा के आठ कार्यकर्ताओं पर आरोप

Published: Fri, 18 Sep 2026 08:00 PM (IST)

तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने नदिया जिले के तेहट्ट में खुद पर अंडे फेंके जाने के मामले में भाजपा के आठ कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

अंडा फेंके जाने पर महुआ ने दर्ज कराई शिकायत (फाइल फोटो)

अंडा फेंके जाने पर महुआ ने दर्ज कराई शिकायत (फाइल फोटो)

HighLights

  1. महुआ मोइत्रा ने अंडे फेंके जाने पर शिकायत दर्ज कराई

  2. तेहट्ट में भाजपा के आठ कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया

  3. पुलिस की मौजूदगी में घटना होने का आरोप लगाया

राज्य ब्यूरो, कोलकाता । कृष्णानगर की तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) सांसद महुआ मोइत्रा ने नदिया जिले के तेहट्ट में बैठक के दौरान खुद पर अंडे फेंके जाने के मामले में भाजपा के आठ कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

बुधवार की घटना के 48 घंटे के भीतर तेहट्ट थाना में दी गई शिकायत में तेहट्ट-1 पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत आठ लोगों के नाम शामिल हैं महुआ ने आरोप लगाया कि स्थानीय भाजपा नेताओं ने पुलिस की मौजूदगी में उन्हें निशाना बनाकर अंडे फेंके।

महुआ के अनुसार, तेहट्ट-1 ब्लाक में उनकी घरेलू घरेलू बैठक चल रही थी, तभी बाहर भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक जुट गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने उनकी ओर अंडे फेंके।

पुलिसकर्मियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की। इस दौरान महुआ की पुलिस के साथ बहस भी हुई। प्रदर्शनकारियों की ओर से ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए, जिसके जवाब में महुआ के समर्थकों ने ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाए। महुआ ने घटना को फेसबुक लाइव के जरिए भी सामने रखा।

पुलिस का कहना है कि बैठक के लिए पहले से अनुमति नहीं ली गई थी। घटना की सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

महुआ इससे पहले कालिगंज में भी अंडा फेंके जाने की घटना का आरोप लगा चुकी हैं। उन्होंने कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाते हुए सुरक्षा के लिए अदालत का रुख किया था। अदालत ने बाद में उन्हें सुरक्षा प्रदान की थी। इसके बावजूद तेहट्ट में दोबारा ऐसी घटना होने का आरोप लगाया गया है।

महुआ ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से तृणमूल को दबाया नहीं जा सकता। वहीं, तेहट्ट के भाजपा विधायक सुब्रत कबिराज ने महुआ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह आम लोगों के आक्रोश का प्रदर्शन था और घटना में भाजपा का कोई कार्यकर्ता या समर्थक शामिल नहीं था।