-यात्री के ट्वीट पर रेल मंत्रालय में मचा हड़कंप, लोगों में रोष

-आपत्ति के बाद हावड़ा रेल प्रशासन ने होर्डिग को बदला जागरण संवाददाता, हावड़ा : रेलवे के बोटानिकल गार्डेन में लगे महात्मा गांधी के होर्डिग में लिखी कुछ पंक्तियों ने करीब आठ माह बाद ऐसा तूल पकड़ा की रेल मंत्रालय से लेकर हावड़ा रेल प्रशासन तक हड़कंप मच गया। आखिरकार गलती का एहसास होने पर रेल महकमे ने होर्डिग को हटा दिया। इसके बाद सिर्फ महात्मा गांधी की फोटो वाले नए होर्डिग को लगा दिया गया। सूत्रों के अनुसार गत वर्ष अक्टूबर में एक कार्यक्रम के दौरान हावड़ा स्टेशन के पास बने बोटानिकल गार्डेग में रेल प्रशासन ने महात्मा गांधी का होर्डिग लगाया था जिसमें उनके जीवन से संबंधित कुछ लाइनें भी लिखी थी। कुछ दिनों पहले हावड़ा स्टेशन आ रहे एक यात्री की नजर उक्त होर्डिग पर पड़ी जिसमें महात्मा गांधी के फोटो के नीचे अंग्रेजी में कुछ लाइनें लिखी हुई थीं। यात्री ने उक्त लाइनों को पड़ा तो उसकी पलकें आंखों पर चढ़ गई। लिखा था कि 'आप जब महात्मा गांधी के व्यक्तिगत जीवन के संबंध में जानेंगे तब समझा पाएंगे की वह 'महात्मा' नहीं..' यात्री ने महात्मा गांधी के होर्डिग को टैग कर रेल मंत्रालय को ट्वीट कर आपत्ति दर्ज कराई थी। उधर, ट्वीट के बाद रेल मंत्रालय से लेकर हावड़ा रेल प्रशासन तक हड़कंप मच गया। गलती का एहसास होने पर उक्त होर्डिग को हटा दिया गया। इसके बाद बिना लाइनें लिखी सिर्फ महात्मा गांधी की फोटो वाले नए होर्डिग को लगा दिया गया। रेलवे के होर्डिग में महात्मा गांधी के संबंध में इस तरह की लाइनें लिखी होने से लोगों में भी रोष पनप गया।

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महात्मा गांधी के होर्डिग को गत वर्ष अक्टूबर में लगाया गया था। फोटो के नीचे लिखी लाइनों को नेट से लिया गया था। रेल प्रशासन अपनी तरफ से कोई शब्द नहीं लिखता है। ट्विटर के माध्यम से चूक का पता चलने के बाद सोमवार को होर्डिग को ढक दिया गया था। लेकिन मंगलवार को उक्त होर्डिग को ही हटा दिया गया। इसकी जगह सिर्फ महात्मा गांधी की फोटो वाली होर्डिग को ही लगाया गया है।

इशाक खान

मंडल रेल प्रबंधक, हावड़ा

Posted By: Jagran

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