जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। देश के सबसे बड़े क्लीफ्ट चैरिटी तथा इसके पार्टनर अस्पताल, आनंदालोक अस्पताल ने स्माइल मशाल का सिलीगुड़ी में स्वागत किया। प्लास्टिक सर्जन व स्माइल ट्रेन प्रोजेक्ट आनंदलोक हॉस्पिटल की निदेशक डॉ.भट्टाचार्य ने बताया कि स्माइल टॉर्च के माध्यम से होठ कटे बच्चों के उपचार के बारे में नए सिरे से जागरूकता पैदा करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक अनूठी पहल है।

यह मशाल इस वर्ष आठ फरवरी, 2019 को वाराणसी में नेशनल क्लेफ्ट डे पर लॉच की गई थी, जो पूरे भारत में यात्रा कर रही है, ताकि होठ कटे के साथ पैदा हुए बच्चों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में लोगों संवेदनशील बनाया जा सकें।

डॉ. नीला भट्टाचार्य ने बताया कि कटे होठ यानी होठों के बीच फांक जन्म दोषों में से एक है, जो एक बच्चे के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। फांक होठ और फांक तालू के साथ पैदा हुए बच्चों को न केवल उनकी उपस्थिति का उपहास किया जाता है, बल्कि अधिक महत्वपूर्ण रूप से खाने, सांस लेने और बोलने में कठिनाई होती है।

इस पहल के बारे में स्माइल टेन, इंडिया की प्रोग्राम मैनेजर इशानी बिस्वास ने कहा कि क्लीफ्ट ट्रीटमेंट में सबसे बड़ी चुनौतियां सामर्थ्य व पहुंच की है। स्माइल मशाल समुदायों को यह बताने का काम करती है कि होठों के बीच कटे यानी फांक वाले बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए उदारता पूर्वक हमारे समर्थन और उदारता की आवश्यकता है। एक साथ इनके इलाज के लिए काम कर इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाने का काम सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 19 वर्षो में पूरे देश में पांच लाख से ज्यादा पीड़ित बच्चों का इलाज किया जा चुका है।

इससे पहले आनंदलोक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. शुसांता कुमार रॉय ने अतिथियों को स्वागत करते हुए कहा, हम 14 वषों से स्माइल ट्रेन के भागीदार हैं और हमने अपने अस्पताल में लगभग 4000 सर्जरी मुफ्त में किए हैं। हमारे यहां उत्तर बंगाल का एकमात्र नोडल केंद्र है, जो उत्तर बंगाल में क्लेफ्ट को देखता है।

 बीते शनिवार को सिलीगुड़ी के उत्तरायण अंतर्गत एक होटल में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन सशस्त्र सीमा बल, सिलीगुड़ी फ्रंटियर के आइजी श्रीकुमार बंदोपाध्याय, बीएसएफ, उत्तर बंगाल फ्रंटियर के आइजी (मेडिकल) डॉ. तपन विस्वास, समूह केंद्र, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सिलीगुड़ी के डीआइजी अनिल कुमार, स्माइल ट्रेन प्रोजेक्ट, आनंदलोक हॉस्पिटल की निदेशक डॉ. नीला भट्टाचार्य तथा आंनदलोक मल्टि स्पेशलियटी हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. सुशांत कुमार रॉय ने किया।

बीएसएफ और एसएसबी से आरबीएसके, शिशुसाथी योजनाओं के माध्यम से हमारे पास मरीज आते हैं। उक्त कार्यक्रम के दौरान कटे होठों के सफल इलाज कर अपने चेहरे पर मुस्कान लाने वाले बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इससे पहले सुबह समारोह की शुरुआत एक जागरूकता रैली निकाली गई।

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Posted By: Preeti jha

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