मनीष शुक्ला हत्याकांड पर गरमाई राजनीति: कौस्तव बागची ने मंत्री अर्जुन सिंह पर साधा निशाना, आत्महत्या करने की कही बात
बैरकपुर के भाजपा विधायक कौस्तव बागची ने मनीष शुक्ला हत्याकांड में पार्टी नेताओं पर सवाल उठाए हैं और जरूरत पड़ने पर आत्महत्या की चेतावनी दी है।

कौस्तव बागची ने मंत्री अर्जुन सिंह पर साधा निशाना

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जागरण संवाददाता, बैरकपुर। बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में भाजपा नेता मनीष शुक्ला की हत्या का मामला एक बार फिर राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। बैरकपुर से भाजपा विधायक कौस्तव बागची ने इस हत्याकांड को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर वह भाजपा के प्रदेश कार्यालय के सामने खुद पर केरोसिन डालकर आत्महत्या कर लेंगे। उनके बयान से बैरकपुर के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मनीष शुक्ला की वर्ष 2020 में टीटागढ़ स्थित पार्टी कार्यालय के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
कौस्तव बागची ने अब इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए नई कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, सीआइडी के महानिदेशक और बैरकपुर पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मामले में आगे की कार्रवाई की मांग की है।
सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कौस्तव ने आरोप लगाया कि मनीष शुक्ला हत्याकांड में जिन लोगों के नाम सामने आए थे, उनमें से कुछ के भाजपा नेताओं के साथ संबंध हैं। उन्होंने इस संबंध में कई तस्वीरें भी दिखाईं। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया, लेकिन उनके बयानों को राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह पर निशाने के तौर पर देखा जा रहा है।
कौस्तव ने कुछ लोगों को भाजपा में शामिल किए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में ऐसे लोगों को पार्टी में आने नहीं देंगे।
उन्होंने अपने राजनीतिक विरोध को लेकर पहले सिर मुंडवाने का जिक्र करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वह इससे भी कठोर कदम उठा सकते हैं। वहीं, मनीष शुक्ला के पिता चंद्रमणि शुक्ला ने कौस्तव पर पलटवार किया है।
उनका दावा है कि हत्या के मामले में कानूनी सहायता के लिए संपर्क करने पर कौस्तव ने शुरुआत में सहमति जताई थी, लेकिन बाद में अपनी जान को खतरा बताते हुए केस लड़ने से इनकार कर दिया।
चंद्रमणि ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके बेटे के नाम का इस्तेमाल कर बैरकपुर में राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस विवाद ने भाजपा के भीतर आपसी मतभेदों को फिर से उजागर कर दिया है।
