आस्था, भक्ति और सेवा का भव्य धाम बना आलमबाजार का श्री श्याम मंदिर, ‘कोलकाता का खाटूधाम’ के नाम से है प्रसिद्ध
कोलकाता का आलमबाजार स्थित श्री श्याम मंदिर आस्था, भक्ति और मानव सेवा का केंद्र बन गया है, जिसे 'कोलकाता का खाटूधाम' भी कहा जाता है।

आस्था, भक्ति और सेवा का भव्य धाम बना आलमबाजार का श्री श्याम मंदिर।
HighLights
श्री श्याम मंदिर आस्था, भक्ति और मानव सेवा का केंद्र।
राजस्थानी स्थापत्य कला, मकराना संगमरमर से निर्मित भव्य मंदिर।
जरूरतमंदों को भोजन, स्वास्थ्य जांच जैसे सेवा कार्य नियमित।
जागरण संवाददाता, कोलकाता। कोलकाता के आलमबाजार में स्थित श्री श्याम मंदिर आज आस्था, भक्ति और मानव सेवा के अनूठे संगम के रूप में पहचान बना चुका है।
गंगा तट के समीप और दक्षिणेश्वर के निकट स्थित यह भव्य मंदिर अपनी राजस्थानी स्थापत्य कला, मकराना संगमरमर की नक्काशी और शांत आध्यात्मिक वातावरण के कारण श्याम भक्तों के बीच ‘कोलकाता का खाटूधाम’ के नाम से प्रसिद्ध है।
इस मंदिर के निर्माण का संकल्प गोविंद मुरारी अग्रवाल ने लिया था। भूमि से जुड़े विवादों और चुनौतियों के बीच वर्ष 2008 में संस्था की देखरेख में भूमि आई। इसके बाद 16 मई 2010 को भूमि पूजन हुआ और वर्ष 2013 में अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर मंदिर का निर्माण शुरू हुआ।

राजस्थान से आए कुशल कारीगरों ने मकराना संगमरमर पर बारीक नक्काशी और पारंपरिक राजस्थानी स्थापत्य शैली से मंदिर को भव्य स्वरूप प्रदान किया। 30 जनवरी से दो फरवरी 2020 तक धार्मिक अनुष्ठानों के बीच प्रथम तल स्थित गर्भगृह में बाबा श्याम के विग्रह की प्रतिष्ठा की गई।
पूजा के साथ मानव सेवा की भी परंपरा
मंदिर के मुख्य गर्भगृह में बाबा श्याम के साथ राधा-कृष्ण, हनुमान जी और शिव परिवार के देवालय भी हैं। यहां प्रतिदिन पांच प्रमुख आरतियां होती हैं। प्रत्येक एकादशी को शाम साढ़े पांच बजे से श्याम कीर्तन और भजन संध्या का आयोजन किया जाता है।

मंदिर समिति कोरोना काल से जरूरतमंदों के लिए प्रतिदिन दो समय भोजन की व्यवस्था कर रही है।
दोपहर 12 बजे और शाम सात बजे भोजन कराया जाता है। इसके अलावा रक्तदान शिविर, कंबल वितरण, नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और निर्धनों की सहायता जैसे सेवा कार्य भी नियमित रूप से किए जाते हैं।
दुर्गापूजा के दौरान दर्शनार्थियों के लिए पेयजल और भंडारे की व्यवस्था भी होती है। इस तरह यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकार और मानव सेवा का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।
