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कोलकाता के गोदाम हादसे में सात आरोपितों के खिलाफ 2000 पन्नों का आरोपपत्र, घटना में 16 लोगों की हुई थी मौत

Published: Sat, 19 Sep 2026 11:20 PM (IST)

कोलकाता के तारातल्ला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने से 16 श्रमिकों की मौत के मामले में एसआईटी ने 2,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।

कोलकाता के गोदाम हादसे में सात आरोपितों के खिलाफ 2000 पन्नों का आरोपपत्र।

कोलकाता के गोदाम हादसे में सात आरोपितों के खिलाफ 2000 पन्नों का आरोपपत्र।

HighLights

  1. तारातल्ला गोदाम ढहने से 16 श्रमिकों की हुई थी मौत।

  2. एसआईटी ने 2,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की।

  3. सात आरोपितों पर निर्माण में लापरवाही का आरोप।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता के तारातल्ला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने से 16 श्रमिकों की मौत के मामले में कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शनिवार को अलीपुर अदालत में करीब 2,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की।

घटना के 87वें दिन दाखिल आरोपपत्र में गिरफ्तार किए गए सभी सात आरोपितों को शामिल किया गया है। इसमें करीब 70 गवाहों के बयान हैं। अदालत जल्द ही आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

गत 24 जून को तारातल्ला के ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर निर्माणाधीन गोदाम अचानक ढह गया था। मलबे में कई श्रमिक दब गए थे। सेना और एनडीआरएफ समेत विभिन्न एजेंसियों ने बचाव अभियान चलाकर कई श्रमिकों को सुरक्षित निकाला, लेकिन 16 लोगों की मौत हो गई।

जांच में एसआईटी ने आरोप लगाया है कि हादसा किसी एक व्यक्ति की गलती का नतीजा नहीं था, बल्कि निर्माण से जुड़े कई लोगों की लापरवाही सामने आई।

चार्जशीट के अनुसार, निर्माण सामग्री का उचित तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया और ढांचे में भी खामियां थीं। निगम के स्वीकृत प्लान के अनुरूप निर्माण नहीं होने की बात भी कही गई है। इसके कारण लोहे की बीम मुड़ गई और वह कंक्रीट की ढलाई का भार नहीं संभाल सकी।

चार्जशीट में जादवपुर के विशेषज्ञों की रिपोर्ट का भी उल्लेख है। पुलिस ने निर्माण में कथित वित्तीय लेनदेन और प्लान को अंतिम रूप देने में भी आर्थिक अनियमितता के संकेत मिलने की बात कही है।

सुपरवाइजर से ठेकेदार तक की भूमिका बताई

इस मामले में अमीनुर शेख, कालीचरण बनर्जी, सैयद मोहम्मद गुलजार उर्फ गुलजार हुसैन, कमल सामंत, शंभुनाथ बेहरा, दिवाकर भंडारी और अब्दुल हमीद उर्फ मोहम्मद आताउर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। पुलिस के अनुसार, गुलजार हुसैन परियोजना का सुपरवाइजर था। अमीनुर शेख ने निर्माण प्लान पर हस्ताक्षर किया था और वार्ड 80 में निर्माण संबंधी जिम्मेदारी उसके पास थी।

पूर्व मेयर के ओएसडी रहे कालीचरण बनर्जी की भूमिका का भी चार्जशीट में उल्लेख है। कमल सामंत पर ढांचागत काम से जुड़े इंजीनियर के रूप में जिम्मेदारी थी। शंभुनाथ बेहरा ने जमीन लीज पर लेकर गोदाम का निर्माण शुरू कराया था, जबकि दिवाकर भंडारी और अब्दुल हमीद श्रमिकों के ठेकेदार थे।

मामले में तारातल्ला थाने में गैर इरादतन हत्या, गैर इरादतन हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। जांच पूरी करने के बाद एसआईटी ने पहले सीसीटीएनएस के माध्यम से चार्जशीट दाखिल की और बाद में संबंधित दस्तावेज अदालत में जमा किए।