कोलकाता भगदड़: मां दुर्गा के दर्शन करने आया था 13 साल का प्रांजल, भीड़ में गिरा तो फिर उठ न सका
कोलकाता के चोरबागान दुर्गापूजा पंडाल में भीड़ के दबाव से भगदड़ जैसी स्थिति बनी, जिसमें 13 वर्षीय प्रांजल सरकार सहित कई लोगों की जान चली गई।

कोलकाता दुर्गापूजा पंडाल में भगदड़ से मातम (फोटो- ANI)
HighLights
13 वर्षीय प्रांजल सरकार की भीड़ में दबकर मौत।
चोरबागान दुर्गापूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति बनी।
प्रिया समाद्दार और तानिया विश्वास ने भी जान गंवाई।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता । मां दुर्गा के दर्शन करने माता-पिता के साथ घर से निकले 13 साल के प्रांजल सरकार को क्या पता था कि यह उसकी जिंदगी का अंतिम पंडाल भ्रमण होने जा रहा है। उत्तर 24 परगना जिले के आगरपाड़ा से उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन के दुर्गापूजा पंडाल पहुंचे प्रांजल के परिवार के लिए उत्सव की शाम कुछ ही देर में मातम में बदल गई।
पंडाल में उमड़ी भीड़ के दबाव में प्रांजल अपने माता-पिता से बिछड़ गया। धक्का-मुक्की के बीच जमीन पर गिरा तो फिर उठ न सका और आखिरकार मृत अवस्था में मिला। चोरबागान में मची भगदड़ जैसी स्थिति ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी।
प्रांजल अकेला नहीं था, जिसकी जिंदगी इस हादसे में छिन गई। दुर्गापूजा की रौनक देखने और परिवार व दोस्तों के साथ आनंद के पल बिताने निकले कई लोगों के लिए वह शाम कभी न भरने वाला जख्म बन गई। किसी परिवार ने अपनी बेटी खो दी, तो किसी ने अपने घर का चिराग। जिन घरों में पूजा की तैयारियां चल रही थीं, वहां अचानक चीख-पुकार और मातम छा गया।
भगदड़ में कुचल गए भविष्य के सपने
न्यू बैरकपुर के लेनिनगढ़ की रहने वाली 19 वर्षीया प्रिया समाद्दार भी हादसे की शिकार हुई। एपीसी कालेज में कला संकाय की छात्रा प्रिया दोस्तों के साथ दुर्गापूजा देखने कोलकाता आई थी। त्योहार की खुशियों के बीच वह भीड़ की चपेट में आ गई और उसकी जान चली गई। जिस उम्र में सपने आकार लेते हैं और जिंदगी की नई राहें खुलती हैं, उस उम्र में प्रिया की कहानी खत्म हो गई।
तीन सहेलियों में रह गई एक
न्यू टाउन के गौरांगनगर की तानिया विश्वास भी उन बदनसीब लोगों में शामिल थी, जो इस हादसे से वापस नहीं लौट सके। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली तानिया अपनी दो सहेलियों के साथ पूजा देखने निकली थी। उसकी एक सहेली की भी मौत हो गई, जबकि तीसरी सहेली किसी तरह बची।
उनके स्वजनों को जब हादसे की सूचना मिली, तो किसी को यकीन नहीं हुआ कि पूजा देखने निकला उनका अपना अब लौटकर नहीं आएगा। पहचान की प्रक्रिया के दौरान शुरू में वीडियो काल के जरिये शवों की पहचान करानी पड़ी।
