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बंगाल: थाने में भटकने के दिन खत्म, जीरो FIR की जांच में देरी पर देनी होगी जवाबदेही

Published: Sun, 12 Jul 2026 10:29 PM (IST)

कोलकाता पुलिस ने जीरो एफआईआर को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिसमें जांच में देरी पर संबंधित अधिकारी को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

जीरो FIR की जांच में देरी पर देनी होगी जवाबदेही।  (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

जीरो FIR की जांच में देरी पर देनी होगी जवाबदेही। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

HighLights

  1. जीरो एफआईआर जांच में देरी पर अधिकारी जवाबदेह होंगे।

  2. पीड़ितों को क्षेत्राधिकार विवाद में भटकना नहीं पड़ेगा।

  3. महिलाओं के खिलाफ अपराधों की तुरंत जांच होगी।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। जीरो एफआईआर को लेकर कोलकाता पुलिस ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने कहा है कि जीरो एफआइआर की प्रक्रिया या जांच में किसी भी तरह की देरी होने पर संबंधित पुलिस अधिकारी को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उद्देश्य यह है कि अधिकार क्षेत्र के विवाद में पीड़ितों को थाने-थाने भटकना न पड़े और जांच समय पर शुरू हो सके।

रविवार को जारी दिशानिर्देश में कहा गया है कि जीरो एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद मामला संबंधित थाने को भेजा जाए। जिस थाने में जीरो एफआईआर दर्ज होगी, वहां के थाना प्रभारी स्वयं संबंधित थाने के प्रभारी से संपर्क कर केस हस्तांतरित होने की पुष्टि करेंगे। केस भेजते समय घटना से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी, शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर तथा अन्य प्रासंगिक विवरण भी उपलब्ध कराना होगा।

महिलाओं के खिलाफ अपराध, जैसे दुष्कर्म, छेड़छाड़ और मारपीट के मामलों में जीरो एफआईआर दर्ज होते ही संबंधित डिवीजनल डिप्टी पुलिस आयुक्त को तत्काल सूचना देने का निर्देश दिया गया है, ताकि बिना विलंब जांच शुरू हो सके।

निर्देश में यह भी कहा गया है कि कोलकाता पुलिस क्षेत्र और आसपास के जिलों में जीरो एफआईआर के मामलों में अक्सर असामान्य देरी देखी जाती है, जिससे जांच और न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसलिए शिकायतकर्ता को समय-समय पर जांच की प्रगति से भी अवगत कराना होगा।

पुलिस आयुक्त के इस आदेश से उम्मीद जताई जा रही है कि अधिकार क्षेत्र को लेकर होने वाली देरी कम होगी और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की प्रक्रिया मजबूत होगी।