राज्य ब्यूरो, कोलकाता । कोलकाता पुलिस ने भवानीपुर उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद दिलीप घोष के साथ सोमवार को हुई धक्का-मुक्की व कथित हमले की घटना के सिलसिले में स्वत: संज्ञान लेते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि भवानीपुर पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने, हथियारों से दंगा करने, जान-बूझकर चोट पहुंचाने और आपराधिक धमकी देने से संबंधित भारतीय दंड संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं। दरअसल, चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सियासी हलचल बढ़ने के बीच घोष को सोमवार को भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में कथित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समर्थकों द्वारा धक्का दिया गया और घेर लिया गया, जिसके बाद हमलावर भीड़ को खदेड़ने के लिए उनके सुरक्षा अधिकारी को पिस्तौल लहराने पर मजबूर होना पड़ा। इस सीट से बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव मैदान में हैं।

वीडियो फुटेज में साफ देखा गया कि घोष को धक्का दिया जा रहा है जबकि सुरक्षा गार्ड उन्हें बचाने की कोशिश करते दिखे। एक संदिग्ध तृणमूल समर्थक को एक सुरक्षाकर्मी को उसके कालर से पकड़ते हुए देखा गया, जिसने भीड़ को हटाने के लिए तेजी से पिस्तौल निकाल ली।यह घटना उस समय हुई जब घोष जदूबाबू बाजार इलाके में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार के लिए गए थे, जहां 30 सितंबर को उपचुनाव होना है।

घोष ने आरोप लगाया था कि तृणमूल समर्थकों ने बिना किसी उकसावे के उन पर हमला किया और एक भाजपा कार्यकर्ता का सिर फोड़ कर उसे घायल कर दिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी हत्या की साजिश थी। उन्होंने उपचुनाव को स्थगित करने की भी मांग की थी।इस घटना के बाद चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से रिपोर्ट भी मांगे थी। इधर, घोष पर हमले की घटना के बारे में शिकायत दर्ज कराने के लिए भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग के अधिकारियों से भी मुलाकात की और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। 

Edited By: Priti Jha