कोलकाता: गैलिफ स्ट्रीट बाजार में अवैध पशु-पक्षी बिक्री पर सख्ती, हाई कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने शुरू की निगरानी
कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद कोलकाता पुलिस ने गैलिफ स्ट्रीट के साप्ताहिक बाजार में अवैध पालतू जानवरों, मछलियों, ...और पढ़ें
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गैलिफ स्ट्रीट बाजार में अवैध पशु-पक्षी बिक्री पर सख्ती (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता । कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद कोलकाता पुलिस ने रविवार से गैलिफ स्ट्रीट के साप्ताहिक बाजार में निगरानी शुरू कर दी। अदालत ने यहां पालतू जानवरों, मछलियों, पक्षियों और पौधों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
16 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे और न्यायमूर्ति अरिजित बनर्जी की खंडपीठ ने कोलकाता पुलिस को निर्देश दिया था कि गैलिफ स्ट्रीट में किसी भी तरह का अनधिकृत व्यापार या कारोबार न हो। यह निर्देश केवल रविवार तक सीमित नहीं है, बल्कि जिस दिन भी ऐसी गतिविधियां होंगी, उस दिन भी लागू रहेगा।
अदालत ने सीमा शुल्क विभाग और पश्चिम बंगाल के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को भी अधिकारियों को सादे कपड़ों में ऐसे बाजारों में भेजकर अवैध कारोबार, बिक्री या तस्करी का पता लगाने और कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
30 सितंबर तक मांगी रिपोर्ट
हाई कोर्ट ने विशेष रूप से संरक्षित प्रजातियों के पक्षियों की बिक्री या तस्करी पर भी सख्ती बरतने को कहा है। नगर निगम की ओर से कथित अनुमति होने पर भी प्रतिबंधित प्रजातियों के कारोबार को रोकने का निर्देश दिया गया है। अदालत के निर्देश पालतू जानवरों, मछलियों और पौधों की बिक्री पर भी लागू हैं।
बंगाल सरकार को 30 सितंबर तक अवैध बिक्री रोकने के लिए की गई कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट अदालत में पेश करनी होगी। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को जीव-जंतुओं की अवैध बिक्री या तस्करी से जुड़े लंबित मामलों और उनके निपटारे में देरी के कारणों की रिपोर्ट देने को कहा गया है। मामले पर अगली सुनवाई छह अक्टूबर को होगी।
