बंगाल: ऑनलाइन अपराध निगरानी तंत्र होगा और मजबूत, FIR से चार्जशीट तक CCTNS पर पूरा ब्योर अपडेट करना होगा अनिवार्य
कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा ने थानों को एफआईआर से चार्जशीट तक की जानकारी सीसीटीएनएस पर ऑनलाइन अपडेट करने का निर्देश दिया है।
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(एआई से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
पुलिस आयुक्त ने सीसीटीएनएस पर एफआईआर से चार्जशीट अपडेट करने का निर्देश दिया।
गुमशुदा नाबालिगों और पॉक्सो मामलों की तत्काल निगरानी पर विशेष जोर।
प्रत्येक डिविजन में साइबर थाने स्थापित करने और सुनवाई तेज करने के आदेश।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता पुलिस के ऑनलाइन अपराध निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए पुलिस आयुक्त अजय नंदा ने थानों को एफआईआर से लेकर चार्जशीट तक की पूरी जानकारी अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणाली (सीसीटीएनएस) पर ऑनलाइन अपडेट करने का निर्देश दिया है।
शनिवार को अपराध नियंत्रण को लेकर हुई बैठक में उन्होंने चार्जशीट अपलोड नहीं करने वाले अधिकारियों से जवाब भी मांगा। पुलिस मुख्यालय लालबाजार ने लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बैठक में सभी थानों और खुफिया विभाग के अधिकारियों को सीसीटीएनएस पर एफआइआर समेत मामले से जुड़ी सभी जानकारियां नियमित रूप से अपडेट करने को कहा गया। खास तौर पर चार्जशीट के दस्तावेज अपलोड करने पर जोर दिया गया। पुराने मामलों की चार्जशीट भी यथासंभव सीसीटीएनएस पर डालने का निर्देश दिया गया है।
लालबाजार के अनुसार, ईस्टर्न सबअर्बन डिविजन के कुछ थानों में चार्जशीट अपलोड करने की प्रवृत्ति कम है। इसे लेकर पुलिस आयुक्त ने संबंधित थाना प्रभारियों और अधिकारियों से सवाल किया कि चार्जशीट अब तक अपलोड क्यों नहीं की गई।
गुमशुदगी और पोक्सो मामलों की निगरानी
पुलिस आयुक्त ने नाबालिगों के गुम होने के मामलों में तत्काल तलाश शुरू करने पर विशेष जोर दिया। ऐसे मामलों में देरी से नाबालिगों के यौन उत्पीड़न या बाल विवाह का खतरा रहता है। वयस्कों और बुजुर्गों के गुम होने के मामलों में भी गंभीरता से तलाश करने का निर्देश दिया गया।
गुमशुदा व्यक्ति के मिल जाने के बाद गुमशुदगी पोर्टल पर इसकी जानकारी अपडेट नहीं होने से होने वाली परेशानी को भी दूर करने को कहा गया है। इसके अलावा प्रत्येक डिविजन में साइबर थाना स्थापित करने, पोक्सो मामलों में सुनवाई तेज कराने और धीमी सुनवाई वाले मामलों की ट्रायल मानिटरिंग सेक्शन से निगरानी कराने का निर्देश दिया गया। घरों और बाइक चोरी के मामलों को लेकर भी थानों और खुफिया विभाग को सतर्क किया गया है।
