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चिन्मय दास की रिहाई की मांग को लेकर कोलकाता में प्रदर्शनकारियों व पुलिस में झड़प, धरने पर बैठे साधु-संत

Published: Sat, 03 Oct 2026 07:18 PM (IST)

कोलकाता में बांग्लादेशी हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प ...और पढ़ें

चिन्मय दास की रिहाई की मांग (फाइल फोटो)

चिन्मय दास की रिहाई की मांग (फाइल फोटो)

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता । बांग्लादेशी हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई की मांग को लेकर शनिवार को कोलकाता में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। विभिन्न हिंदुत्व संगठनों, साधु-संतों और नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी आफ इंडिया (एनसीपीआई) के कार्यकर्ता बेकबागान स्थित बांग्लादेश के उप उच्चायोग की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे।

प्रदर्शनकारियों ने उप उच्चायोग के पास लगाए गए बैरिकेड को पार करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की हुई। पुलिस के रोकने के बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और चिन्मय कृष्ण दास की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हिंदू संत को लंबे समय से उचित सुनवाई के बिना हिरासत में रखा गया है। एनसीपीआई के एक कार्यकर्ता ने दावा किया कि चिन्मय कृष्ण दास ने किसी हिंसा में हिस्सा नहीं लिया था और उन्हें अपनी मां के निधन पर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल मांगनी पड़ी थी।

2024 से जेल में हैं चिन्मय कृष्ण दास

चिन्मय कृष्ण दास, जिन्हें चिन्मय प्रभु के नाम से भी जाना जाता है, 2024 से बांग्लादेश में जेल में हैं। प्रदर्शनकारियों ने उनकी रिहाई की मांग दोहराई। एनसीपीआइ त्रिपुरा में पंजीकृत राजनीतिक दल है। लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के कई बागी सांसदों के उसके साथ विलय और एनडीए को समर्थन देने के बाद यह संगठन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था।