झारखंड से लौटे माआवोदी दंपती को बंगाल में भी नहीं मिली पनाह, शालबनी में गिरफ्तार
झारखंड से लौटे माओवादी दंपती मंगल महतो और मालती मुर्मु को कोलकाता पुलिस के विशेष कार्य बल ने पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी से गिरफ्तार किया।

बंगाल में माओवादी दंपती गिरफ्तार (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)
HighLights
माओवादी दंपती मंगल महतो और मालती मुर्मु शालबनी से गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस के विशेष कार्य बल ने की यह कार्रवाई
दोनों किशनजी और आकाश के अंगरक्षक रहे, बड़ा झटका
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। 'ऑपरेशन कगार' के तहत संयुक्त बलों के लगातार दबाव के बीच झारखंड से बंगाल लौटे माओवादी दंपती मंगल महतो व मालती मुर्मु को कोलकाता पुलिस के विशेष कार्य बल ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के शालबनी इलाके से शनिवार रात गिरफ्तार किया।
दोनों मदन महतो नामक माओवादी के एक रिश्तेदार के घर में ठहरे हुए थे। मदन की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मंगल व मालती को पकड़ा गया है या उन्होंने आत्मसमर्पण किया है। दोनों माओवादी नेता किशनजी व आकाश के अंगरक्षक रहे हैं।
इस दंपती की गिरफ्तारी को जंगलमहल इलाके में माओवादी गतिविधियों के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आकाश समेत 10 माओवादी बंगाल लौटे थे। आकाश के गत गुरुवार को पकड़े जाने के बाद मंगल और मालती पर पुलिस की नजर कड़ी हुई थी। मंगल वर्ष 2008 में माओवादी संगठन से जुड़ा था। पहले उसने संदेशवाहक के रूप में काम किया और बाद में दस्ते का सदस्य बना।
2009 में नौवीं कक्षा की परीक्षा देने के बहाने घर से निकलकर वह सशस्त्र संघर्ष में शामिल हो गया था। लालगढ़ आंदोलन में भी उसकी भूमिका रही। बाद में उसे किशनजी का अंगरक्षक बनाया गया। वहीं मालती करीब 15 वर्ष की उम्र में माओवादी दस्ते में शामिल हुई थी।
