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कोलकाता में अस्थाई स्वास्थ्य कर्मियों ने मंत्री अग्निमित्रा पॉल का किया घेराव, वेतन वृद्धि की उठाई मांग

Published: Tue, 22 Sep 2026 12:44 AM (IST)

कोलकाता में अस्थायी स्वास्थ्य कर्मियों ने मंत्री अग्निमित्रा पाल का घेराव कर वेतन वृद्धि की मांग की। मंत्री ने मांगों ...और पढ़ें

कोलकाता में अस्थायी स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन

कोलकाता में अस्थायी स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन

HighLights

  1. अस्थायी स्वास्थ्य कर्मियों ने मंत्री अग्निमित्रा पाल का घेराव किया।

  2. कर्मियों ने प्रतिदिन 303 रुपये वेतन वृद्धि की मांग की।

  3. मंत्री ने राज्य की वित्तीय स्थिति देख विचार का आश्वासन दिया।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता में सोमवार को राज्य की शहरी विकास व नगरपालिका मंत्री अग्निमित्रा पॉल का अस्थायी स्वास्थ्य कर्मियों के एक समूह ने घेराव किया। कर्मियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मंत्री की कार के आसपास प्रदर्शन किया।

मंत्री उत्तर कोलकाता के चितपुर इलाके में डेंगू विरोधी अभियान में शामिल होने पहुंची थीं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद लौटते समय कर्मियों ने उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराया।

प्रदर्शनकारियों की मांग पर मंत्री ने कहा कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्थायी स्वास्थ्य कर्मियों को फिलहाल प्रतिदिन 303 रुपये मिलते हैं। राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए वेतन वृद्धि को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नई सरकार के कार्यकाल में किसी कर्मचारी का वेतन रोका नहीं जाएगा और वेतन में वृद्धि के लिए प्रयास किए जाएंगे।

अग्निमित्रा पाल ने कहा कि पिछली सरकार से राज्य पर काफी कर्ज है। सरकार महिलाओं को प्रतिमाह 3,000 रुपये दे रही है और कई अन्य योजनाएं भी चल रही हैं। ऐसे में वेतन वृद्धि पर निर्णय लेने से पहले राज्य के खजाने की स्थिति को भी देखना होगा।

डेंगू रोकने के लिए जमा पानी पर कार्रवाई की चेतावनी

डेंगू विरोधी अभियान के दौरान मंत्री ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि डेंगू के मच्छर रुके हुए पानी में पनपते हैं। निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली लोहे की सामग्री, कील या अन्य सामान लंबे समय तक खुले में पड़े रहने पर उसमें पानी जमा हो सकता है।

उन्होंने चेतावनी दी कि सड़क किनारे या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण सामग्री छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने के साथ आवश्यकता पड़ने पर सामग्री जब्त भी की जा सकती है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि डेंगू की रोकथाम के लिए लापरवाही बरतने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।