बंगाल में निकाय चुनाव से पहले ममता बनर्जी को झटका, कांग्रेस में शामिल हुईं दो पूर्व पार्षद
कोलकाता में आगामी निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाई है। ममता तृणमूल की दो पूर्व पार्षद ...और पढ़ें

बंगाल में निकाय चुनाव से पहले ममता बनर्जी को झटका। (पीटीआई)
HighLights
दो पूर्व तृणमूल पार्षद कांग्रेस में शामिल हुईं।
यह कदम बंगाल निकाय चुनाव से पहले उठाया गया।
कांग्रेस कोलकाता में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत कर रही।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में आगामी निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस ने कोलकाता में अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। बुधवार को ममता तृणमूल की दो पूर्व पार्षद फरजाना चौधरी और संचिता मंडल कांग्रेस में शामिल हो गईं।
मध्य कोलकाता के हाजी मोहम्मद मोहसिन स्क्वॉयर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने दोनों को पार्टी का झंडा थमाया। इस मौके पर मध्य कोलकाता जिला कांग्रेस अध्यक्ष मानस सरकार समेत अन्य नेता मौजूद थे।
फरजाना चौधरी कोलकाता नगर निगम के पुराने वार्ड 64 की पार्षद रही हैं, जबकि संचिता मंडल वार्ड 51 की पार्षद और बोरो चेयरमैन रह चुकी हैं। दोनों का मध्य कोलकाता के साथ सियालदह से बालीगंज तक के इलाकों में जनाधार बताया जाता है।
फरजाना पहले माकपा की सहयोगी वामपंथी राजनीति से जुड़ी थीं और 2020 के नगर निगम चुनाव में वामपंथी दल के टिकट पर जीती थीं। बाद में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गई थीं।
उपचुनावों के बाद कांग्रेस की बढ़ती उम्मीदें
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच कांग्रेस खुद को तृणमूल से अलग हो रहे नेताओं के लिए एक विकल्प के रूप में पेश कर रही है।
पिछले विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरी कांग्रेस ने राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। वहीं, नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनाव में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन से पार्टी को उम्मीद मिली है। ऐसे में कोलकाता नगर निगम चुनाव से पहले दो पूर्व पार्षदों का कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है।
