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बंगाल: चोरबागान हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रद कीं डॉक्टरों की छुट्टियां, बड़े पूजा पंडालों में होगी तैनाती

Published: Mon, 19 Oct 2026 03:47 PM (IST)

चोरबागान हादसे के बाद पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने दुर्गापूजा के दौरान चिकित्सा व्यवस्था मजबूत की है। डाक्टरों की छुट्टियां ...और पढ़ें

दुर्गा पूजा पंडालों में तैनात होंगी मेडिकल टीमें (यह तस्वीर  AI की मदद से बनाई गई है।)

दुर्गा पूजा पंडालों में तैनात होंगी मेडिकल टीमें (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

HighLights

  1. चोरबागान हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई चिकित्सा व्यवस्था।

  2. डाक्टरों की छुट्टियां रद्द, बड़े पूजा पंडालों में टीमें तैनात।

  3. चिकित्सा संगठनों ने फैसले पर उठाए सवाल, बताया अविवेकपूर्ण।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता । चोरबागान हादसे के बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने दुर्गापूजा के दौरान चिकित्सा व्यवस्था बढ़ा दी है। स्वास्थ्य भवन ने डॉक्टरों, स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर दी हैं। बड़े पूजा पंडालों में मेडिकल टीम तैनात करने के साथ अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन नहीं करने पर निलंबन की चेतावनी भी दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के अनुसार, कोलकाता के पांच मेडिकल कालेजों की चिकित्सा टीमें प्रमुख पूजा पंडालों में तैनात रहेंगी। एनआरएस मेडिकल कालेज की टीम संतोष मित्रा स्क्वायर, आरजी कर मेडिकल कालेज की टीम टाला प्रत्यय, मेडिकल कालेज एवं अस्पताल की टीम कालेज स्क्वायर, नेशनल मेडिकल कालेज की टीम एकडालिया एवरग्रीन और एसएसकेएम अस्पताल की टीम चेतला अग्रणी में मौजूद रहेगी।

डॉक्टरों की ड्यूटी शाम पांच बजे से अगले दिन सुबह छह बजे तक लगाई गई है। इसमें मेडिकल अधिकारियों के साथ सहायक प्रोफेसर स्तर के डाक्टर भी शामिल हैं।

अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी अनिवार्य

अस्पतालों में हड्डी रोग विशेषज्ञों, न्यूरो सर्जनों और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही एंबुलेंस, रक्त और आक्सीजन का पर्याप्त भंडार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पूजा के दौरान सक्रिय रहने और छुट्टी पर गए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भी काम पर लौटने को कहा गया है। दक्षिणेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ और टाकी में विसर्जन के दौरान संभावित दबाव को देखते हुए उत्तर 24 परगना जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉक्टरों की तैनाती पर चिकित्सा संगठनों ने उठाए सवाल

पूजा पंडालों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने के फैसले का चिकित्सा संगठनों ने विरोध किया है। सर्विस डाक्टर्स फोरम के महासचिव सजल विश्वास ने इसे अविवेकपूर्ण फैसला बताते हुए कहा कि राज्य के अस्पताल पहले से ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में पंडालों में डॉक्टरों की तैनाती से अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

एसोसिएशन आफ हेल्थ सर्विसेज के चिकित्सक नेता सुवर्ण गोस्वामी ने सवाल उठाया कि भीड़ नियंत्रित करना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है, फिर इसकी भरपाई डॉक्टरों से क्यों कराई जा रही है?

उन्होंने कहा कि पंडालों में डॉक्टरों की मौजूदगी से भगदड़ जैसी घटनाओं को रोक पाना संभव नहीं है। चोरबागान की घटना में घायलों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करना पड़ा। ऐसे में केवल पंडालों में डाक्टर तैनात करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।