जगमगाते पंडालों और अनोखी थीम के साथ दुर्गोत्सव के रंग में रंगा बंगाल, सोने के गहनों से सजी देवी दुर्गा की प्रतिमा
पूरा बंगाल दुर्गोत्सव के रंगों में सराबोर है, कोलकाता सपनों के शहर जैसा दिख रहा है जहाँ पंडालों में भीड़ उमड़ रही है।

सोने के गहनों से सजी देवी दुर्गा, सुरक्षा में सशस्त्र पुलिसकर्मी।
HighLights
पूरा बंगाल दुर्गोत्सव के रंग में रंगा, कोलकाता जगमगाया।
अनोखी थीम वाले पंडाल, राम मंदिर जैसी प्रतिकृतियां आकर्षित कर रही हैं।
सोने के गहनों से सजी देवी दुर्गा, सुरक्षा में सशस्त्र पुलिसकर्मी।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। समूचा बंगाल दुर्गोत्सव के रंग में रंग गया है। कोलकाता ने तो सपनों के शहर का रूप धर लिया है। हर तरफ रौनक है। उत्साह का माहौल है। गली-सड़कें बत्तियों से जगमगा रही हैं।
पंडालों में जनज्वार उमड़ रहा है। अगले चार दिन यही नजारा रहेगा। एक से एक थीम वाले पंडाल लोगों को मुग्ध कर रहे हैं। कहीं महाभारत के प्रसंगों के जरिये भारतीय महाकाव्य की गौरव गाथा पेश की जा रही है, तो कहीं सनातन परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच संबंधों को दर्शाने का प्रयास किया गया है।
कहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया है तो कहीं गुफाओं से महलों तक मानव सभ्यता का सफर दर्शाया गया है। देश के प्रसिद्ध मंदिरों की प्रतिकृतियां भी देखने को मिल रही हैं। मोहम्मद अली पार्क यूथ एसोसिएशन ने राम मंदिर की भव्य स्थापत्य शैली पर आधारित पंडाल बनाया है।
एकडालिया एवरग्रीन में सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर पंडाल का निर्माण किया गया है। संतोष मित्रा स्क्वायर ने ‘वंदे मातरम्’ को थीम चुना है। सुरुचि संघ ने ग्रामीण बंगाल की सांस्कृतिक जड़ों को केंद्र में रखा है। इसकी थीम ‘उत्साह’ गांवों के शांत जीवन, बंगाल के प्राकृतिक दृश्यों और स्थानीय हस्तशिल्प पर आधारित है।
सोने के गहनों से सजी देवी दुर्गा, सुरक्षा में सशस्त्र पुलिसकर्मी
कोलकाता के 15 पूजा पंडालों में देवी दुर्गा को सोने के गहनों से अलंकृत किया गया है। गहनों की सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क है। वहां सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मध्य कोलकाता के एक बड़े पंडाल में दो पुलिस अधिकारियों के साथ राइफलधारी दो पुलिसकर्मी तैनात हैं।
पुलिस अधिकारियों के पास भी सर्विस पिस्तौल है। वहीं, तालतला के एसएन बनर्जी रोड स्थित एक पंडाल में एक अधिकारी और दो राइफलधारी कांस्टेबल आभूषणों की सुरक्षा कर रहे हैं। शेष 13 पंडालों में दो-दो सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
सप्तमी पर ‘केला बहू’ का विधिवत स्नान अनुष्ठान
सप्तमी पर शनिवार सुबह केला बहू (नवपत्रिका) का विधिवत स्नान अनुष्ठान संपन्न हुआ। केला बहू को गंगा अथवा किसी पवित्र जलाशय में स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाए गए और फिर पंडाल में लाकर भगवान गणेश की प्रतिमा के पास लाकर रखा गया।
