कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बुराई पर अच्छाई की जीत यानी रावण दहन। साल्टलेक सांस्कृतिक संसद की ओर से लगातार 9 वर्षों से आयोजित किया जा रहा रावण दहन इस बार भी होगा मगर कोरोना काल के कारण नये अंदाज में। सरकारी नियमों को मानते हुए होगा कार्यक्रम। रावण दहन धार्मिक आस्था का प्रतिक है और जनभावनाओं को देखते हुए इस कड़ी को आगे बढ़ाने के लिए ही यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। राज्य सरकार की तरफ से रावण दहन के लिए हरी झंडी दे दी गयी है। इस बार कोरोनारूपी रावण का दहन होगा।

सरकारी नियमों का सख्ती से होगा पालन

संसद के अध्यक्ष ललित बेरिवाल ने बताया कि दहन हर साल की ही तरह इस बार भी पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। नयी बात जो होगी वह कोविड 19 के नियमों का पालन, जिसे हमारी तरफ से पूरी तरह पालित किया जाएगा। कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सैनिटाइजर की पूरी व्यवस्था रहेगी। फीजिकल डिस्टेंस का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस आयोजन में ललित बेरिवाल व उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका है।

घर बैठे देखने की होगी व्यवस्था

इस बार कोरोना का दौर है और संक्रमण काफी तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए ऐतिहासिक रावण दहन कार्यक्रम को घर बैठे देखने की पूरी व्यवस्था की जाएगी। रावण दहन में इस बार कोरोनारूपी रावण का दहन किया जाएगा। वैसे तो रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होता है। इस बार भी बुराई हारेगी और यह बुराई कोरोना का वायरस है जिससे प्रकोप से पूरा विश्व त्राहिमाम कर रहा है। रावण का पुतला के दहन के साथ ही लक्ष्मी पूजा के साथ दिवाली का आगाज होगा। 

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