'पूजा पंडाल में मानवीय चूक से हुआ हादसा, इससे इनकार नहीं', चोरबागान भगदड़ पर सीएम शुभेंदु का बयान
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ को दुखद बताया और मानवीय चूक की ...और पढ़ें

चोरबागान भगदड़ पर सीएम शुभेंदु का बयान (फाइल फोटो)
HighLights
मुख्यमंत्री ने चोरबागान भगदड़ में मानवीय चूक की आशंका जताई।
घटना की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र SIT का गठन किया गया।
भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं रोकने को छोटे पूजा आयोजन की सलाह।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता । बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता के चोरबागान पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत को शुक्रवार को बेहद दुखद बताते हुए हादसे के पीछे मानवीय चूक की आशंका से भी इन्कार नहीं किया। उन्होंने कहा कि महज डेढ़ से दो मिनट के भीतर हुई यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस भगदड़ में मारे गए कोलकाता के मानिकतल्ला निवासी शुभम सोनकर के परिवार से शाम में मुलाकात और आर्थिक सहायता के रूप में 25 लाख रुपये का चेक सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में इस बार करीब 66,000 दुर्गापूजा आयोजित हुईं, लेकिन चोरबागान दुर्गापूजा मंडप में भगदड़ की घटना को छोड़कर किसी अन्य बड़ी दुर्घटना की जानकारी उनके पास नहीं है।
शुभेंदु ने कहा कि मानवीय चूक के कारण दुर्घटना हुई, इस बात से इनकार करने की कोई गुंजाइश नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चोरबागान की घटना की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य सरकार ने स्वतंत्र जांच दल गठित किया है।
उन्होंने पिछली सरकार और मौजूदा सरकार के कामकाज में अंतर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार कहीं भी पूजा पंडाल गिरने की घटना नहीं हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि घटना की जांच के लिए गठित विशेष जांच समिति (एसआइटी) तीन महीने की तय समयसीमा में अपनी रिपोर्ट देगी, जिसे विधानसभा और पत्रकारों के सामने सार्वजनिक किया जाएगा।
अगले साल से छोटे स्तर पर पूजा आयोजन की सलाह
मुख्यमंत्री ने बताया कि 26 अक्टूबर को कोलकाता, हावड़ा और विधाननगर की करीब 8,000 पूजा समितियों को बैठक के लिए बुलाया गया है। बैठक में पूजा आयोजनों को छोटे स्तर पर करने और अगले साल की तैयारियां पहले से शुरू करने की सलाह दी जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
विशेष जांच दल (एसआईटी) की सिफारिशों की समीक्षा कर उनके अनुरूप पूजा आयोजन करने पर भी जोर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि दुर्गापूजा के सप्तमी के दिन उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन पूजा पंडाल के पास भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी जबिक 25 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
घटना की जांच के लिए राज्य सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट से विचार-विमर्श के बाद छह सदस्यीय एसआइटी गठित की है। इसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिंदिता राय सरस्वती कर रही हैं। घटना के सिलसिले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
