कोलकाता, जागरण टीम। बंगाल में जलपाईगुड़ी के मयनागुड़ी स्थित दोमहनी के पास गुरुवार शाम को पांच बजे के करीब बीकानेर एक्सप्रेस की 12 बोगियां बेपटरी हो गई। हादसे में चार से पांच बोगी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे में अब तक सात यात्रियों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है। अभी भी कई यात्री बोगी के नीचे दबे हुए हैं। जलपाईगुड़ी की डीएम मोमिता गोदरा बसु ने मौतों की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि 51 एंबुलेंस राहत-बचाव कार्य में लगे हुए हैं। 40 घायलों को मयनागुड़ी और जलपाईगुड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बंगाल में इससे पहले भी इस तरह के कई बड़े हादसे हो चुके हैं। साथ ही, यह भी जानिए कि जलपाईगुड़ी रेल हादसे पर किसने-क्या कहाः

2010 में ज्ञानेश्वरी ट्रेन हादसे में 148 यात्रियों की गई जान

पश्चिम बंगाल में इससे पहले बड़े ट्रेन हादसों की बात करें तो मई 2010 में हावड़ा- मुंबई ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस की राज्य के जंगलमहल क्षेत्र में झाड़ग्राम के सरडीहा में सामने से आ रही मालगाड़ी से टक्कर हो गई थी। इसके बाद एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस हादसे में 148 यात्रियों की मौत हो गई थी। साथ ही, लगभग 200 यात्री घायल भी हो गए थे। यह भी आरोप लगा था कि माओवादियों द्वारा जानबूझकर रेल पटरियों को नुकसान पहुंचाए जाने के कारण यह दुर्घटना हुई, क्योंकि जहां यह हादसा हुआ था, वह इलाका उस वक्त माओवादी हिंसा की चपेट में था।

सैंथिया ट्रेन हादसे में गई 63 यात्रियों की जान

ज्ञानेश्वरी ट्रेन हादसे के दो महीने के भीतर ही 19 जुलाई, 2010 को बीरभूम जिले के सैंथिया में भी बड़ा रेल हादसा हो गया था। यहां उत्तर बंग एक्सप्रेस ने रांची जा रही वनांचल एक्सप्रेस में पीछे से टक्कर मार दी थी। हादसे में 63 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 150 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस दुर्घटना का कारण कथित रूप से सिग्नल का उल्लंघन बताया गया था। उस समय ममता बनर्जी ही रेल मंत्री थीं।

जलपाईगुड़ी ट्रेन हादसा: ममता का अफसरों को युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य चलाने का निर्देश

उत्तर बंगाल के जलपाइगुड़ी जिले में मायनगुड़ी के निकट गुरुवार शाम बीकानेर- गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन के 12 डिब्बे पटरी से उतरकर पलट गए, जिसके चलते अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है और 50 से ज्यादा लोग घायल हैं। अभी भी बड़ी संख्या में लोग ट्रेन में फंसे हुए हैं। इस हादसे की जानकारी मिलते ही तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात कर हालात का जायजा लिया। वहीं, इस हादसे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरा दुख जताने के साथ वहां के प्रशासनिक अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने का निर्देश दिया।

ममता का ट्वीट

ममता ने ट्वीट कर कहा, मयनागुड़ी में बीकानेर- गुवाहाटी एक्सप्रेस की दर्दनाक दुर्घटना के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, डीएम/एसपी/आइजी उत्तर बंगाल बचाव और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। राज्य सचिवालय से स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इधर, हादसे के मद्देनजर राज्य सरकार ने उत्तर बंगाल के मेडिकल कालेज अलर्ट पर रखे हैं। सभी डाक्टरों और मेडिकल स्टाफ को जल्द से जल्द रिपोर्ट करने को कहा गया है। वहीं, सीएम के निर्देश के बाद सभी संबंधित आला अधिकारी मौके पर पहुंच कर राहत व बचाव कार्य की निगरानी में जुटे हैं। उल्लेखनीय है कि यह हादसा शाम करीब पांच बजे हुआ। कोरोना के हालात से निपटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जब राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे थे, तभी इस ट्रेन हादसे की खबर आई। वहीं, पीएम मोदी ने सीएम ममता से इस हादसे की जानकारी ली। इस ट्रेन के 12 डिब्बे पटरी से उतरे हैं, जिसमें से चार- पांच बोगियां बुरी तरह पलटी हैं। यह ट्रेन बीकानेर से गुवाहाटी जा रही थी।

ट्रेन हादसे पर पीएम मोदी ने की रेल मंत्री से बात, रेलवे ने की मुआवजे की घोषणा

उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी में गुरुवार शाम हुए भीषण ट्रेन हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात करने के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी बात की है। रेल मंत्री से उन्होंने हादसे के बारे में जानकारी ली और फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द निकाल कर बेहतर से बेहतर इलाज आदि मुहैया कराने का निर्देश दिया। पीएम ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। पीएम ने लिखा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की और पश्चिम बंगाल में ट्रेन दुर्घटना के मद्देनजर स्थिति का जायजा लिया। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। इस बीच, रेलवे ने हादसे में मारे गए एवं घायल लोगों के परिवार के लिए मुआवजे की भी घोषणा कर दी है। रेल मंत्री ने ट्वीट कर बताया कि मृतकों को पांच लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक लाख रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 25,000 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। रेल मंत्री ने ट्वीट में लिखा यह दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना है। मौके पर बचाव टीम के साथ आला अधिकारी भी मौजूद हैं। प्रधानमंत्री ने भी फोन पर जानकारी ली है। भारतीय रेलवे ने राहत राशि की घोषणा की है। मैं मौके पर जाकर जायजा लूंगा। दुर्घटना की गहराई से और हर पहलू पर जांच होगी। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra