जागरण संवाददाता, कोलकाता : रवींद्र सरोबर में अबकी छठ पूजा की अनुमति न दिए जाने को राज्य के शहरी विकास मंत्री व केएमडीए के चेयरमैन फिरहाद हकीम ने दिल्ली की साजिश करार दिया। वहीं केएमडीए की ओर से छठ व्रतियों के पूजा-अर्चना को महानगर में दस तालाबों की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा लोगों की सुविधाओं को उनके घरों के नजदीक पड़ने वाले घाटों को राज्य सरकार की ओर से सभी मौलिक सुविधाओं से लैस करने का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि व्रतियों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। इस बाबत बुधवार को कोलकाता नगर निगम में केएमडीए की बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से मुखातिब हुए केएमसी के मेयर व केएमडीए चेयरमैन फिरहाद हकीम ने रवींद्र सरोवर में छठ पूजा की अनुमति न दिए जाने के पीछे दिल्ली की साजिश करार देते हुए कहा कि दिल्ली के निर्देश पर ही यहां छठ पूजा के आयोजन पर प्रतिबंध लगाने को हम बाध्य हुए हैं। लेकिन पूजा शांति व सौहार्द पूर्ण माहौल में संपन्न हो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई है। दरअसल, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश के बाद यह कदम उठाया गया है। ऐसे में केएमडीए ने कई जगहों पर वैकल्पिक छठ घाट तैयार करने की बात कही है। केएमडीए के डायरेक्टर जनरल सुप्रिया माइती ने कहा कि छठ व्रतियों को परेशान होने की जरूरत नहीं हैं। वैकल्पिक घाट की समुचित व्यवस्था होगी। एनजीटी के निर्देश पर राष्ट्रीय जलाशय के रूप में पहचाने जाने वाले रवींद्र सरोवर को बचाने को राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छठ के दौरान स्थायी व अस्थायी दोनों घाटों की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही पूर्व कोलकाता के नोनाडागा व दक्षिण कोलकाता के पाटूली लेक में स्थायी छठ घाट तैयार किए गए हैं। इसके लिए इन जलाशयों का नवीनीकरण भी कर दिया गया है। साथ ही छठ पूजा के लिए यहा घाट बनाने का काम भी जारी है। आने वाले दिनों में सभी सामाजिक, धार्मिक अनुष्ठान इन्हीं घाटों पर आयोजित किए जाएंगे। इसके इतर, रवींद्र सरोवर के आसपास के इलाके जैसे जोधपुर पार्क, गोल्फग्रीन, लालगढ़, वैष्णव घाटा इलाके में अस्थायी घाट तैयार किए जा रहे हैं। वहीं सभी स्थायी व अस्थायी घाटों पर ई-टॉयलेट, पेय जल के साथ ही अतिरिक्त लाइटिंग की व्यवस्था होगी।

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