उद्धव, पवार के बाद अब ममता से मिलीं DMK सांसद कनिमोझी, 'तीसरे मोर्चे' की सुगबुगाहट तेज
द्रमुक सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात की, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरणों की अटकलें तेज हो गईं।

कनिमोझी और ममता की कोलकाता में मुलाकात
HighLights
कनिमोझी ने कोलकाता में ममता बनर्जी से करीब एक घंटे मुलाकात की।
द्रमुक सांसद की अन्य क्षेत्रीय नेताओं से भी हालिया मुलाकातें हुईं।
यह बैठक नए राजनीतिक समीकरणों की अटकलों को हवा दे रही है।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। द्रमुक सांसद और पार्टी की उप महासचिव कनिमोझी करुणानिधि ने कोलकाता में पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात की। तृणमूल सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को कालीघाट स्थित ममता के आवास पर दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बैठक चली।
हालांकि, बैठक के बाद ममता और कनिमोझी, दोनों ने ही मीडिया के सामने बैठक में हुई बातचीत के मुद्दों पर कोई टिप्पणी नहीं की। कनिमोझी की हालिया राजनीतिक मुलाकातों को देखते हुए ममता के साथ इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोलकाता दौरे से पहले उन्होंने मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी। इसके बाद दिल्ली में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और उनकी बेटी एवं सांसद सुप्रिया सुले से भी अलग-अलग मुलाकात की थी।
कनिमोझी की लगातार क्षेत्रीय नेताओं से मुलाकातों के बीच कांग्रेस से अलग भाजपा विरोधी दलों के किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा है। इसके पीछे द्रमुक और कांग्रेस के बीच हालिया मतभेदों को भी एक कारण माना जा रहा है।
तमिलनाडु में लंबे समय से चले आ रहे गठबंधन से अलग होकर कांग्रेस के अभिनेता व मुख्यमंत्री विजय की पार्टी टीवीके के साथ हाथ मिलाने के बाद दोनों दलों के संबंधों में दूरी बढ़ी है।
द्रमुक ने जून में विपक्षी ‘आईएनडीआइए’ गठबंधन की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था। संसद के मानसून सत्र से पहले कनिमोझी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर द्रमुक सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था की मांग भी की थी। ऐसे घटनाक्रमों के बीच ममता से उनकी मुलाकात ने राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरण की अटकलों को फिर हवा दी है।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस या द्रमुक की ओर से किसी नए मोर्चे या गठबंधन को लेकर अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
इन घटनाक्रम के बीच नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव के लिए पार्टी की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे के शुक्रवार को नाम वापस लेने के तुरंत बाद ममता ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा करते हुए स्पष्ट कहा कि इसका उद्देश्य विपक्षी आइएनडीआइए गठबंधन को मजबूत करना है।
