राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल भाजपा में पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक कैलाश विजयवर्गीय को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि कोलकाता स्थित बंगाल भाजपा के सदर मुख्यालय के सामने ही विजयवर्गीय के विरोध में पोस्टर लगा दिए गए हैं। महानगर के हेस्टिंग्स इलाके में स्थित भाजपा के एक और कार्यालय के सामने भी ऐसे ही पोस्टर लगाए गए हैं।इन पोस्टरों में विजयवर्गीय को 'टीएमसी का सेटिंग मास्टर' कहा गया है।

बंगाल भाजपा का एक वर्ग विधानसभा चुनाव में हार के लिए सीधे तौर पर विजयवर्गीय और मुकुल रॉय को जिम्मेदार ठहरा रहा है। मुकुल कुछ दिन पहले ही भाजपा छोड़कर तृणमूल में लौट चुके हैं जबकिविजयवर्गीय इस समय बंगाल भाजपा से दूरी बनाकर चल रहे हैं। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद विजयवर्गीय अपने गृह राज्य मध्य प्रदेश लौट गए थे और तब से अब तक बंगाल नहीं आए हैं।

गुरुवार को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व व बंगाल भाजपा में हुई बैठक में भी वे शरीक नहीं हुए थे। बंगाल भाजपा के कुछ नेताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर विजयवर्गीय को पद से हटाने की मांग की है। सूत्रों ने बताया कि मुकुल-विजयवर्गीय की जोड़ी को भाजपा का एक वर्ग हमेशा से नापसंद करता रहा है, हालांकि उन्होंने इससे पहले अमित शाह जैसे केंद्रीय नेता को आधिकारिक तौर पर इस बाबत सूचित नहीं किया था।आसनसोल जिला नेतृत्व के कुछ नेताओं ने अमित शाह को पत्र लिखकर विजयवर्गीय को पद से हटाने की मांग की है।

उन्होंने चुनाव में भाजपा की हार और मुकुल की तृणमूल में वापसी के मद्देनजर यह कदम उठाया है ।इन भाजपा नेताओं मुताबिक आसनसोल में विजयवर्गीय, अरविंद मेनन और मुकुल के व्यवहार के कारण पार्टी को संभावित सीटें गंवानी पड़ीं। आसनसोल के एक भाजपा नेता ने दावा किया कि उनके पास अपने आरोपों के समर्थन में कुछ ऑडियो और वीडियो क्लिप भी हैं। इस बारे में भाजपा के प्रदेश महासचिव सायंतन बसु ने कहा कि पार्टी के नेता किसी भी मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिख ही सकते हैं।

Edited By: Vijay Kumar